काराकाट विधानसभा चुनाव 2025: CPI(MLL) के अरुण सिंह ने जेडीयू के महाबली सिंह को 2836 वोटों से हराया। अरुण को मिले 74,157 वोट, जबकि जेडीयू को 71,321। भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह तीसरे स्थान पर रहीं, उन्हें 23,469 वोट मिले। 

Karakat Assembly Election 2025: काराकट विधानसभा सीट (Karakat Assembly Seat) बिहार के रोहतास जिले में स्थित है और यह वैशाली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस बार इस सीट से सीपीआई (MLL) कैंडिडेट अरुण सिंह (ग्राम-अजनप टोला) ने महज 2836 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने 74157 वोट पाकर जेडीयू कैंडिडेट महाबली सिंह को हराया। महाबली सिंह को 71321 वोट मिले। तीसरे नंबर पर स्वतंत्र उम्मीदवार ज्योति सिंह जो कि भोजपुरी एक्टर पवन सिंह की पत्नी हैं, रहीं। ज्योति सिंह को कुल 23469 वोट मिले। अरुण सिंह इससे पहले 2020 में यह सीट बीजेपी को हराकर जीती थी।

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पिछले चुनावों का सफर: जीत, हार और आंकड़े

2020 काराकट विधानसभा चुनाव

  •  विजेता: अरुण सिंह (CPI(ML)(L)-82,700 वोट
  •  हारने वाले: राजेश्वर राज (BJP)-64,511 वोट
  •  हार-जीत का मार्जिन: 18,189 वोट
  • खास वजह: इस चुनाव में महागठबंधन का कब्जा दिखा और स्थानीय समीकरणों ने बड़ी भूमिका निभाई।
  • नोट: अरुण सिंह 10 वीं पास है। उन पर दो मुकदमे दर्ज हैं। उनकी कुल संपत्ती करीब 1.80 करोड़ रूपए हैं लेकिन उन पर कोई कर्जा नहीं है।

2015 काराकट विधानसभा चुनाव

  •  विजेता: राजाराम सिंह (RJD)-59,720 वोट
  •  हारने वाले: उपेंद्र कुशवाहा (BJP)-47,601 वोट
  • खास बात: महागठबंधन और BJP के बीच कड़ी टक्कर रही।

2010 काराकट विधानसभा चुनाव

  •  विजेता: उपेंद्र कुशवाहा (JD(U)-49,751 वोट
  •  हारने वाले: मुन्ना राय (RJD)-38,336 वोट
  • खास वजह: इस चुनाव में तीसरे दल की भूमिका निर्णायक साबित हुई।

काराकट चुनाव में जातिवाद और क्षेत्रीय समीकरण

  •  यहां के चुनावों में जातीय समीकरण हमेशा निर्णायक रहे हैं।
  •  स्थानीय मुद्दे जैसे किसानों की समस्याएं, सड़क और शिक्षा मतदाताओं को प्रभावित करते हैं।
  •  राजनीतिक दल हमेशा स्थानीय और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखकर रणनीति बनाते हैं।

महागठबंधन का दबदबा: 2020 में जीत ने इसका प्रमाण दिया।

  •  BJP की चुनौती: राजेश्वर राज ने 64,511 वोट हासिल किए थे, और 2025 में उनकी रणनीति अहम।
  •  तीसरे दल की भूमिका: 2010 में JD(U) की जीत ने दिखाया कि गठबंधन या छोटे दलों का समर्थन निर्णायक हो सकता है।
  •  मतदाता संख्या: रोहतास जिले में इस सीट के लिए कुल वोटरों की संख्या लाखों में है, जिनकी सक्रिय भागीदारी परिणाम तय कर सकती है।
  •  जातीय और क्षेत्रीय समीकरण: कुशवाहा, यादव, राजपूत, मुस्लिम वोटर गुटों की भूमिका निर्णायक।