बिहार के सारण में लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य और भाजपा के राजीव प्रताप रुडी के बीच टक्कर है। रोहिणी पिता लालू को किडनी देने के बाद चुनावी मैदान में उतरी हैं। 

पटना। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। इनमें से सारण है। यहां कभी राजद प्रमुख लालू यादव की मजबूत पकड़ थी। बीते दो लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा को जीत मिली है। इस बार के आम चुनाव में सारण हॉट सीट है। लालू यादव ने अपनी बेटी रोहिणी आचार्य को यहां से चुनावी मैदान में उतरा है। भाजपा ने राजीव प्रताप रुडी को टिकट दिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सारण में पांचवें चरण में चुनाव होगा। 20 मई को यहां मतदान होने वाला है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजीव प्रताप रुडी को यहां से 499986 वोट से जीत मिली थी। वहीं, राजद उम्मीदवार चंद्रीका राय को 361575 वोट मिले थे। भाजपा को 53 फीसदी वोट मिले थे।

2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजीव प्रताप रुडी ने लालू यादव की पत्नी और राजद उम्मीदवार राबड़ी देवी को हराया था। रुडी को 355120 और राबड़ी देवी को 314172 वोट मिले थे। जदयू के सलीम परवेज को 107008 वोट मिले थे।

ऐसा है सारण का समीकरण

सारण लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा के छह सीट हैं। यहां कुल वोटर 12 लाख 68 हजार 338 है। यादव जाति के लोगों की आबादी 25 फीसदी और राजपूत जाति के लोगों की आबादी 23 फीसदी है। वैश्य 20%, मुस्लिम% और दलित 12% हैं। 2008 से पहले सारण को छपरा सीट कहा जाता था। लालू यादव ने 1977 में पहली बार छपरा (अब सारण) से चुनाव जीता था। उस समय उनकी उम्र 29 साल थी। इसके बाद उन्होंने 1989 और 2004 में छपरा सीट से चुनाव जीता।

यह भी पढ़ें- 'जो लोग इलेक्टोरल बॉन्ड का विरोध कर रहे हैं उन्हें जल्द ही पछतावा होगा', PM मोदी विरोधियों पर बरसे, जमकर सुनाई खरी-खोटी

सिंगापुर में रहती हैं रोहिणी

विवाह के बाद रोहिणी सिंगापुर में बस गई हैं। दिसंबर 2022 में उन्होंने पिता लालू यादव को अपनी किडनी दान की थी। सिंगापुर के एक हॉस्पिटल में लालू को किडनी लगाई गई थी। सोमवार को लालू यादव और राबड़ी देवी रोहिणी के साथ हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना के बाद लालू और राबड़ी पटना लौट गए।

यह भी पढ़ें- Explained: क्या है Katchatheevu द्वीप मामला, इंदीरा गांधी से क्या है नाता, श्रीलंका को कैसे मिला?