बिहार की मोनिका गुप्ता प्रयागराज महाकुंभ में आंखों पर पट्टी बांधकर देवी-देवताओं के चित्र और रंगोली बनाकर सबको हैरान कर रही हैं। जानिए, कैसे 4 साल की उम्र से ही उन्होंने ये अनोखी कला सीखी।

पटना। बिहार के दरभंगा जिले की मोनिका गुप्ता इन दिनों प्रयागराज महाकुंभ में अपनी अनोखी कला से लोगों का ध्यान अट्रैक्ट कर रही हैं। मोनिका की खासियत यह है कि वह अपनी दोनों आंखों पर काली पट्टी बांधकर देवी-देवताओं के सुंदर चित्र कैनवास पर उकेरती हैं और जमीन पर रंगोली भी बनाती हैं। उनकी यह विलक्षण कला श्रद्धालुओं को चौंका रही है। आइए, जानते हैं मोनिका गुप्ता के जीवन से जुड़ी रोचक बातें।

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बचपन से था कला में इंटरेस्‍ट

मोनिका गुप्ता का जन्म बिहार के दरभंगा जिले में हुआ था। उनका परिवार कला और चित्रकारी से जुड़ा हुआ है। उनकी बड़ी बहन निशा गुप्ता भी एक कुशल चित्रकार हैं, जिनसे मोनिका ने यह अनोखी कला सीखी। मोनिका के परिवार में उनकी मां, भाई और बहन सभी पेंटिंग बनाते हैं।

4 साल की उम्र से आंखें बंद कर काम करने की प्रैक्टिस

मोनिका को बचपन से ही महाभारत और पौराणिक कथाओं में इंटरेस्ट था। मां उन्हें महाभारत की स्टोरीज सुनाया करती थीं, जिसकी वजह से वह संजय और अर्जुन के पात्रों से बहुत प्रभावित हुईं। संजय, जिन्होंने धृतराष्ट्र को युद्ध का आंखों देखा हाल सुनाया था, और अर्जुन, जिन्होंने स्वयंवर में घूमती मछली की आंख पर निशाना साधा था। महाभारत के इन दोनों पात्रों ने मोनिका के मन पर गहरी छाप छोड़ी। 4 साल की उम्र में ही उन्होंने आंखें बंद कर काम करने की प्रैक्टिस शुरू कर दी और 7 साल की उम्र तक वे इसमें माहिर हो गईं।

त्रिनेत्र जागरण का अभ्यास

मोनिका गुप्ता योग और ध्यान का भी अभ्यास करती हैं। वे मानती हैं कि योग और ध्यान के जरिए उन्होंने अपने "तीसरे नेत्र" को जागृत किया है। उनका कहना है कि ध्यान करने से उनकी मानसिक एकाग्रता बढ़ी और उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर चित्र बनाने की कला में महारत हासिल किया। वह आंखों पर रूई रखकर और फिर काली पट्टी बांधकर कैनवास पर चित्र बनाती हैं या रंगोली तैयार करती हैं। यह सब कुछ वे अपनी मानसिक एकाग्रता और गहन अभ्यास के दम पर कर पाती हैं।

प्रयागराज महाकुंभ में मोनिका का अनोखा प्रेजेंटेशन

मोनिका का कहना है कि महाकुंभ का आयोजन 144 साल बाद हो रहा है और यह उनके जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण है। वे इसे अपनी कला से और भी यादगार बनाना चाहती हैं। उनका मानना है कि जब वे पेंटिंग बनाती हैं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे स्वयं भगवान से बातें कर रही हैं।

अयोध्या में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा में भी बनाई रंगोली

इससे पहले मोनिका गुप्ता ने अयोध्या में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी अपनी कला का प्रदर्शन किया था। वहां उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर भगवान श्रीराम की भव्य रंगोली बनाई थी, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े थे। उनकी इस कला को लोगों ने खूब सराहा और सोशल मीडिया पर भी उनकी खूब चर्चा हुई थी। मोनिका ने रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) से बीएससी की डिग्री हासिल की है और फिलहाल एमएससी की पढ़ाई कर रही हैं और साथ ही अपनी कला को भी आगे बढ़ा रही हैं।

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