बिहार के मुजफ्फरपुर से आई दर्दनाक घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। जहां एक पिता ने अपने पांच बच्चों के साथ फांसी लगा ली। जिसमें चार की मौत हो गई, लेकिन दो बेटों को ईश्वर ने बचा लिया...जानिए कैसे?
बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर के रख दिया है। यहां एक बाप अपनी जिंदगी से इतना दुखी हो गया कि उसने अपने पांच मासूम बच्चो के साथ मरने का फैसला करते हुए फांसी लगा ली। जिसमें पिता और उसकी तीन बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ईश्वर का कुछ ऐसा चमत्कार हुआ कि दो मासूम बेटों की जान बच गई।
4 से लेकर 11 साल की बेटियों की भी मौत
दरअसल, यह दर्दनाक घटना मुजफ्फरपुर जिले के सकरा पुलिस थाने इलाके की है। जहां नवलपुर मिश्रौलिया गांव के निवासी अमरनाथ राम (40) ने बच्चों के साथ फांसी का फंदा लगा लिया। मृतकों में पिता और उसकी तीन बेटी राधा कुमारी (11), राधिका (9) और शिवानी (7) शामिल हैं। लेकिन उसके दो और चार साल के बेटों शिवम और चंदन की जान बच गई। इस घटना से गांव ही नहीं, पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है। खबर लगते ही मौके पर पुलिस पहुंची और चारों शव बरामद कर अस्पताल भेजे गए।
पत्नी की मौत से टूट गया था पति का दिल
पुलिस की शुरूआती पूछताछ में सामने आया है कि अमरनाथ राम अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता था। लेकिन कुछ समय पहले उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद वह टूट गया और मानसिक तनाव में आ गया था। बीवी के जाने के बाद पांचों बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई थी। बताया जा रहा है कि रविवार रात पूरे परिवार ने एक साथ खाना खाया था, इसके बाद वह सो गए, लेकिन सोमवार सुबह अमरनाथ राम ने पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
भगवान ने दो बच्चों को मौत के मुंह से बचा लिया
बताया जाता है कि अमरनाथ ने पत्नी की साड़ी से फंदा लगाकर सभी बच्चों को छत से कूदने को कहा था। पिता के कहते ही तीनों बेटियां तो कूद गईं, लेकिन 6 साल का शिवम कुमार ने गला कसने पर सूझबूझ दिखाते हुए फंदा ढीला रखा। इसके बाद छोटे भाई का फंदा भी खोल दिया, जिससे दोनों की जान बच गई। वहीं इस पूरी घटना पर ग्रामीणों का कहना है कि इतने छोटे बच्चे ने कैसे अपने साथ साथ छोटे भाई की भी जान बचा ली। यह सब भगवान ने ही कराया होगा।
Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आपके मन में भी सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसे ख्याल आ रहे हैं तो आप फौरन घर-परिवार, दोस्तों और साइकेट्रिस्ट की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। आसरा (मुंबई) 022-27546669, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)। स्पंदन (मध्य प्रदेश) 9630899002, 7389366696, संजीवनी: 0761-2626622, TeleMANAS 1-8008914416/14416, जीवन आधार: 1800-233-1250. मानसिक तनाव होने पर काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800 8914416 पर संपर्क कर घर बैठे मदद पा सकते हैं।


