बिहार के नवादा जिले के सुंदरा गांव में बाहरी लोगों को एंट्री के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य है। यह फैसला गांव में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बाद लिया गया है। ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए दिन-रात पहरा देना शुरू कर दिया है।

बिहार (नवादा)। जिस तरह लोगों को दूसरे देश में जाने के लिए सरकारी दस्तावेज दिखानी की जरूरत पड़ती है। ठीक उसी तर्ज पर बिहार के नवादा जिल में स्थित सुंदरा गांव में भी बाहरी लोगों को एंट्री लेने के लिए आधार कार्ड दिखाना बेहद जरूरी है। क्योंकि, बिना इसे दिखाए किसी भी अनजान लोगों के प्रवेश पर बैन है। गांव वालों का ये फैसला वाकई में काफी चौंकाने वाला लगता है। लेकिन इसके पीछे भी एक कहानी है।

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बता दें कि सुंदरा गांव में चोरी की घटना के बाद से फैसला लिया गया कि बिना आधार कार्ड के किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। अगर कोई जबरदस्ती घुसने की कोशिश करता है तो उसे लोग पीटने लग जाते है या फिर सीधे पुलिस के हवाले कर देते हैं। इसके अलावा गांव वालों ने अपने अनोखे काम को पूरा करने के लिए दिन-रात लोगों को गांव के सीमा पर पहरा देने के लिए रखते हैं।

हाथों में लाठी-डडें और टॉर्च लेकर घूमते हैं लोग

बीते 3 सितंबर को बसंत कुमार नाम के शख्स के यहां चोरी हो गई। इसके बाद गांव वाले दहशत में आ गए। उन्होंने तब एक बैठक की जिसमें फैसला लिया गया कि वो खुद ही गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएंगे। इसके लिए उन्होंने अनजान लोगों के लिए आधार कार्ड दिखाने के फैसला लिया। इस प्लान को अच्छी तरह से पूरा करने लिए स्थानीय लोगों ने रात में भी गांव के बाहरी इलाके में घूम-घूमकर पहरा देने का काम करते हैं। गली, मोहल्ले, चौराहे, खलिहान में गश्त करते हैं। हर किसी के हाथों में मोबाइल,टॉर्च और लाठी-डंडा होता है।

गांव की सुरक्षा की गई कड़ी

बीते रविवार को सुंदरा गांव में कुछ अनजान लोगों को देखा गया था। इसके बाद से स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और कड़ी कर दी। इसके देखा-देखी पास के गांव वालें भी चोरी की घटना से बचने के लिए आधार कार्ड वाला तरीका अपनाने की सोच रहे हैं।

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