बिहार चुनाव में, बीजेपी नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि उनकी पार्टी काम के बदले वोट मांग रही है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को छठ मैया का अपमान बताया और ओवैसी पर गरीब मुसलमानों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सियासी बयानबाजी चरम पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों पर पलटवार करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने जमकर निशाना साधा है। साध्वी निरंजन ज्योति ने साफ कहा कि बीजेपी काम के बदले वोट मांगने आई है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक भाषण दे रहा है।

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ओवैसी पर सीधा हमला: 'गरीबों का अधिकार न छीनें'

असदुद्दीन ओवैसी के मुस्लिम वोट बैंक से जुड़े बयान पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ओवैसी को जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। ओवैसी जरा उन लोगों से पूछें, जिनका राशन मिल रहा है, जिनको आवास मिल रहा है, जिनको गैस सिलेंडर मिल रहा है। ओवैसी कम से कम गरीबों मुसलमान का अधिकार न छीने।

साध्वी निरंजन ज्योति ने दावा किया कि बीजेपी विकास के नाम पर वोट मांग रही है। उन्होंने कहा, "हम काम के बदले वोट मांगने आए हैं। 2005 के पहले का बिहार और 2025 का बिहार, धरती आसमान का फर्क है। जहां पहले 8 से 10 घंटे लगते थे, चाहे आप भागलपुर हो या मुजफ्फरपुर, वहां जाने के लिए अब रास्ता सुगम हुआ है, यह डबल इंजन की सरकार का नतीजा है।"

राहुल गांधी पर सबसे तीखा प्रहार, 'छठ मैया का अपमान'

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वह वोट के लिए स्टेज पर नाच भी सकते हैं। इस बयान पर साध्वी निरंजन ज्योति ने राहुल गांधी की सोच को 'गिरी मानसिकता' का बताया और इसे सिर्फ पीएम मोदी का ही नहीं, बल्कि छठ मैया का अपमान करार दिया।

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, "राहुल गांधी प्रधानमंत्री का जितना अधिक से अधिक अपमान कर सकते हैं, जनता उतनी ही मोदी के लिए साथ खड़ी है। राहुल गांधी गिरी मानसिकता की सोच रखेंगे... यह मोदी जी का अपमान नहीं किया, यह छठ मैया का अपमान किया है।"

सनातन और गठबंधन पर सवाल

साध्वी निरंजन ज्योति ने सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों को घेरा। उन्होंने कहा, "यह वही लोग हैं जो कुर्ते के ऊपर जनेऊ डालकर (चुनाव में आते हैं)। यह जैसी जाति रही भावना सनातन को लेकर, क्योंकि सनातन उनके साथ में है जो सनातन को डेंगू, मलेरिया कहते हैं, कोरोनावायरस कहते हैं। उनकी गठबंधन के लोग हैं, भावना उनकी वही है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी और बीजेपी के नेता जनता के प्रधान सेवक हैं, और उन्हें लोकतंत्र के लिए जनता से प्रार्थना करने या झुकने में कोई शर्म नहीं है।