छठ पर्व पर CM नीतीश कुमार, चिराग पासवान के घर खरना का प्रसाद खाने पहुंचे। इस मुलाकात से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक कड़वाहट खत्म होती दिखी। इसे 2025 चुनाव से पहले NDA गठबंधन में मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

पटनाः आस्था और पवित्रता का महापर्व छठ (Chhath Mahaparv) अब बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी नई गर्माहट घोल रहा है। छठ के दूसरे दिन, खरना के पवित्र अनुष्ठान के दौरान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ऐसा कदम उठाया जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया। रविवार शाम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के आवास पर पहुंचे और वहाँ खरना का प्रसाद ग्रहण किया।

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CM ने हंसकर कहा- 'हम तो आपका दर्शन करने चले आए'

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन से चिराग पासवान के आवास पर उत्साह का माहौल बन गया। गेट पर खुद चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री की गर्मजोशी से आगवानी की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पुरानी कड़वाहट खत्म होती दिखी और वे पूरी तरह सहज नजर आए।

मुख्यमंत्री ने चिराग पासवान को देखकर हंसते हुए कहा, "हम तो आपका दर्शन करने चले आए।" मुख्यमंत्री के इस हल्के-फुल्के बयान को सुनकर चिराग पासवान और उनके स्वजन भी मुस्कुरा दिए। इस सियासी मुलाकात ने न सिर्फ गठबंधन में मजबूती का संदेश दिया, बल्कि दोनों नेताओं के बीच के व्यक्तिगत संबंधों में आई नरमी को भी दर्शाया। इस दौरान चिराग पासवान, उनकी माता और परिवार के अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया। स्वजनों ने नीतीश कुमार के साथ खुशी-खुशी तस्वीरें भी खिंचवाईं।

राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले NDA गठबंधन के भीतर विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। अतीत में, दोनों नेताओं के बीच गंभीर राजनीतिक मतभेद रहे थे, जिसे पर्व के बहाने दूर किया गया है।

मुख्यमंत्री आवास पर भी छठ की रौनक

एक ओर नीतीश कुमार ने चिराग पासवान के आवास पर प्रसाद ग्रहण किया, वहीं मुख्यमंत्री आवास (एक अणे मार्ग) पर भी महापर्व की रौनक पसरी हुई है। मुख्यमंत्री के स्वजन, जिनमें उनकी भतीजी, भांजी और सरहज शामिल हैं, छठ व्रत कर रहे हैं। इस वर्ष मुख्यमंत्री की भाभी व्रत नहीं कर रहीं हैं।

छठ पूजा के अर्घ्य के लिए मुख्यमंत्री आवास परिसर में ही विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को महापर्व की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा, “लोकआस्था का यह महापर्व आत्मानुशासन का पर्व है, जिसमें लोग शुद्ध अंत:करण और निर्मल मन से अस्ताचल और उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। महापर्व छठ के अवसर पर भगवान भास्कर से राज्य की प्रगति, सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना है।”