Prashant Kishor Jan Suraj Party Funding Controversy:जेडीयू ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की फंडिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए, NGO के जरिए चंदा लेने का लगाया आरोप। जानिए पूरा मामला।

Prashant Kishor Party Funding: बिहार की राजनीति में एक नई कंट्रोवर्सी सामने आई है। एक समय सीएम नीतीश कुमार के सबसे करीबी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर (PK) अब उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के निशाने पर हैं। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ को मिलने वाले फंड पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नीरज कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर कॉरपोरेट मॉडल के जरिए राजनीति में आ रहे हैं और उनकी पार्टी को मिलने वाले फंड को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जेडीयू प्रवक्ता ने प्रशांत किशोर से जन सुराज पार्टी की फंडिंग का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की है।

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प्रशांत किशोर पर जेडीयू का हमला: क्या है मामला?

बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर और JDU के रिश्ते अब पूरी तरह तल्ख हो चुके हैं। चार दिन पहले जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पर फंडिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। जेडीयू के नीरज कुमार ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अगर वे (प्रशांत किशोर) सच में बिहार के भविष्य के लिए काम कर रहे हैं, तो उन्हें अपनी पार्टी की फंडिंग को पारदर्शी बनाना चाहिए। जेडीयू का आरोप है कि प्रशांत किशोर की पार्टी को फंडिंग एक NGO के जरिए हो रही है।

जन सुराज पार्टी की फंडिंग को लेकर क्या विवाद है?

जेडीयू का आरोप है कि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की फंडिंग 'Joy of Giving Global Foundation' नाम के NGO के जरिए हो रही है। जेडीयू ने आरोप लगाया कि NGO के जरिए चंदे के रास्ते काले धन को सफेद किया जा रहा है। एक राजनीतिक पार्टी को चलाने के लिए NGO का इस्तेमाल करना गैर-कानूनी और अनैतिक है।

चुनाव आयोग में ‘जन सुराज पार्टी’ के असली अध्यक्ष कौन?

नीरज कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर अपनी पार्टी का असली चेहरा छिपा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष का नाम SK मिश्रा दर्ज है, न कि प्रशांत किशोर का। तो आखिर प्रशांत किशोर का रोल क्या है? वह पार्टी में संरक्षक के पद पर हैं, पर चुनाव आयोग के दस्तावेजों में उनका नाम नहीं है।

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