बिहार चुनाव 2025 की रणनीति के लिए कांग्रेस 24 सितंबर को पटना में CWC की बैठक करेगी। सोनिया, राहुल और खरगे समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस ने पटना को बड़ा मंच बनाने का ऐलान कर दिया है। 24 सितंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की विस्तारित बैठक पटना के सदाकत आश्रम में होगी। पहली बार बिहार को इस स्तर की बैठक के लिए चुना गया है। कांग्रेस इसे संगठन की मजबूती और चुनावी रणनीति का टर्निंग प्वाइंट मान रही है।

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4 होटलों में 175 कमरे बुक

सदाकत आश्रम और आसपास के इलाकों को सजा-संवारा जा रहा है। आश्रम के पीछे मैदान को समतल कर जर्मन हैंगर बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं और प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए पटना के चार बड़े होटलों में 175 कमरे बुक कर दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, CLP लीडर शकील अहमद खान और विधान परिषद दल नेता मदन मोहन झा ने तैयारियों का जायजा भी लिया।

बड़े नेताओं की होगी मौजूदगी

बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री, सभी प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और विधायक दल नेता शामिल होंगे। यह जुटान कांग्रेस के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं को एक ही मंच पर लाकर बिहार में पार्टी को नई धार देने की कोशिश होगी।

मोदी सरकार पर कांग्रेस का सीधा वार

CWC की बैठक को लेकर कांग्रेस ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि नरेंद्र मोदी 11 साल बाद भी बेरोजगारी, महंगाई, अपराध और महिलाओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों का हल नहीं निकाल पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी "जनता की समस्याओं को हल करने में दिलचस्पी नहीं रखते, क्योंकि वे वोट चोरी करते हैं"। उन्होंने नारा दिया – “वोट चोर, गद्दी छोड़”।

बिहार कांग्रेस नेताओं का हमला

CLP लीडर शकील अहमद खान ने कहा कि BJP और JDU ने बिहार को सिर्फ लूटा है। उन्होंने दावा किया कि आज हर बच्चे के मुंह पर यही नारा है – “वोट चोर, गद्दी छोड़”। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि सदाकत आश्रम का इतिहास आजादी की लड़ाई से जुड़ा है और अब यह जगह एक बार फिर से बदलाव का संदेश देगी। उन्होंने कहा, “संविधान की रक्षा करना कांग्रेस का धर्म है, जिसे BJP खत्म करना चाहती है, लेकिन हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे।”

कांग्रेस के लिए ‘करो या मरो’ का मौका

1990 के दशक से सत्ता से बाहर कांग्रेस अब लगातार अपने जनाधार की कमी से जूझ रही है। लालू यादव के सहारे कभी-कभार राजनीति में सक्रिय रहने वाली पार्टी में राहुल गांधी की हाल की यात्राओं और जनसभाओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा है। कांग्रेस चाहती है कि यह जोश विधानसभा चुनाव 2025 तक बरकरार रहे और वह बिहार में अपनी खोई हुई जमीन फिर से हासिल कर सके।