Rohini Acharya : तेजस्वी यादव के राजनीति सलाहकार और आरजेडी सांसद संजय यादव को लेकर लालू परिवार में टकराव बढ़ गया है। रोहिणी आचार्य ने इनकी वजह से परिवार और पार्टी को छोड़ने का फैसला किया है। तेज प्रताप ने भी इनको ही जिम्मेदार ठहराया था।

बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की बुरी हार के बाद अब लालू प्रसाद यादव के परिवार में भी हंगामा मचा हुआ है। जिस बेटी ने अपने पिता लालू की जिंदगी बचाने के लिए किडनी दे दी थी, अब वही रोहणी आचार्य ने शनिवार को सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट कर दिया है कि हर कोई उनके बारे में सर्च कर ने लगा। उन्होंने अपने परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया है, साथ ही राजनीती से छोड़ने का भी। अपने इस फैसले के पीछे उन्होंने सासंद संजय सिंह और रमीज का नाम लिया है, जो तेजस्वी के सलाहकार हैं। अब सवाल यह है कि आखिर ये दोनों तेजस्वी के इतने करीबी कैसे हो गए परिवार टूटने लगा। पहले तेज प्रताप और अब रोहणी दूर जा रही हैं।

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संजय यादव को लेकर लालू परिवार में टकराव

संजय यादव को लेकर लालू परिवार में टकराव बढ़ गया है। बताया जाता है कि इसी साल जब लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को पार्टी से 6 साल निष्काषित करने और परिवार से दूर करने का जो फैसला किया था। इसके पीछे भी संजय सिंह का दिमाग था। खुद तेज प्रताप ने एक इंटरव्यू दौरान संजय सिंह को ही इसका जिम्मेदार ठहराया था। कल तेजप्रताप ने भी सोशल मीडिया पर लिखा था- जयचंदों ने राजद को खोखला किया है। उनका इशारा इन्हीं पर था। अब बहन ने लिखा इन्हीं की वजसे परिवार से दूरियां बना लीं। शनिवार को X पर पोस्ट कर रोहणी ने लिखा है, 'मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।'

कैसे संजय तेजस्वी के लिए हैं परिवार से ऊपर

  • बता दें कि संजय यादव आरजेडी से राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी के रणनीतिक सलाहकार के साथ साथ उनके बेस्ट फ्रेंड भी बताए जाते हैं। बताया जाता है कि तेजस्वी आज जो कुछ भी हैं सब संजय की वजह से हैं, उन्हें वह अपना राजनीतिक गुरू भी मानते हैं।
  • संजय यादव मूल रुप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले हैं। सजंय और तेजस्वी उस समय के दोस्त हैं, जब दोनों दिल्ली में क्रिकेट खेला करते थे। बताया जाता है कि 2013 में जब लालू यादव चारा घोटाले में जेल गए तब तेजस्वी दिल्ली से सब छोड़कर पटना आ गए और संजय को भी बुला लिया।
  • संजय भी तेजस्वी के लिए मल्टी नेशनल IT कंपनी की नौकरी छोड़कर पटना आ गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संजय ने ही तेजस्वी को राजनीति की एबीसीडी सिखाई हैं। संजय ने तेजस्वी को समाजवादी और राजनीति से जुड़ी कई किताबें पढ़ने के लिए कहा। फिर अटल बिहारी वाजपेयी, जॉर्ज फर्नांडीस, कांशीराम, मायावती,और कई नेताओं वीडियो सुनने और उनकी तरह भाषण देने की सलाह दी।
  • कहा तो यहां तक जाता है कि संजय को फ्री हैंड दे दिया है। यानि उन्हें पूरी तरह से पावर मिली हुई हैं, वह जो फैसला करेंगे उसे कोई नहीं टाल सकता है। चाहे वह परिवार के सदस्य ही क्यों ना हो। इसलिए वह उनसे कुछ नहीं कहते हैं।
  •  तेजस्वी कहां कितनी रैलियां करेंगे, किसको इंटरव्यू देंगे या नहीं, राजद में किसे टिकट देना हो या काटना हो, पार्टी की अगली रणनीति आदि शामि है। यह सब संजय सिंह से बात करने के बाद ही फैसला लिया जाता है।