बिहार राज्य में लोगों को अब बालू और गिट्टी के लिए लोकल वेंडर या बालू माफिया के पास जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, राज्य सरकार जल्द ही बालू और गिट्टी से जुड़े काम ऑनलाइन पोर्टल के द्वारा करने जा रही है।

बिहार सरकार न्यूज। बिहार सरकार ने खनन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बालू की खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने की तैयारी है। सरकार ने पहले ही बालू घाटों की बंदोबस्ती पारदर्शी बनाने का फैसला कर चुकी है। उसके बाद पोर्टल वाला फॉर्मुला, जिसके जरिए राज्य के लोग बड़े ही आराम से होम डिलीवरी सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएगी। इस तरह के मॉडल को तैयार करने के पीछे खनन विभाग का एक ही मकसद है, जो है बालू की कीमतों को नियंत्रित कर कस्टमर को सही कीमत पर दिया जा सके। इसकी मदद से खनन माफिया पर भी लगाम लग जाएगा।

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खान एवं भूतत्व विभाग ने बालू और गिट्टी की होम डिलीवरी के लिए बालू मित्र पोर्टल बनाया है। इसके जरिए कोई भी आदमी घर बैठे बालू और गिट्टी ऑनलाइन मंगा सकता है। भुगतान होने के बाद होम डिलीवरी ग्राहक को की जाएगी। नए सिस्टम को तैयार करने का जिम्मा बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को मिला है। संबंधित मामले में ऑनलाइन पोर्टल और बालू की बिक्री के लिए टेंडर के जरिए कंपनियों का चयन किया जा रहा है।

दो महीनों में बालू से जुड़ा ऑनलाइन पोर्टल होगा शुरू

अगले दो महीनों में ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ा सिस्टम काम करना शुरू कर देगा। खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया-"बालू मित्र पोर्टल पर सभी बालूघाट बंदोबस्त धारी और लाइसेंस वाले खरीदार ही रजिस्टर्ड रहेंगे और उन्हीं के द्वारा बालू की कीमत पोर्टल पर दी जाएगी। ग्राहक अपनी पसंद का बालू कीमत और गुणवत्ता की तुलना पर ऑनलाइन ऑर्डर करने में सक्षम होंगे। बालू की डिलीवरी के लिए ट्रांसपोर्टरों का भी कॉन्ट्रैक्ट निकाला जाएगा। इसके लिए जिस भी गाड़ियों का इस्तेमाल होगा उन पर लगने वाला भाड़ा प्रति किलोमीटर के दर से लागू किया जाएगा।"

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