बिहार चुनाव 2025 के बीच तेजस्वी यादव ने 20 साल के शासन पर सवाल उठाए और 'जुमलेबाजी' की आलोचना की। उन्होंने परिणाम, सम्मान, उदय (3R) का वादा करते हुए पढ़ाई, कमाई, दवाई और सिंचाई वाली सरकार बनाने की बात कही।

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान के बीच, नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं को एक भावुक और निर्णायक संदेश दिया है। उन्होंने अपने इस संदेश में न केवल 20 साल के शासन पर तीखे सवाल उठाए, बल्कि विपक्ष की 'जुमलेबाजी' और मुद्दों से भटकाने की चालों पर भी सीधा वार किया।

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बिहार चाहता है '3R': Result, Respect, Rise

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक लंबा पोस्ट जारी करते हुए कहा कि बिहार को अब केवल भाषण और जुमले नहीं, बल्कि तीन चीजें चाहिए: 𝐑𝐞𝐬𝐮𝐥𝐭 (परिणाम), 𝐑𝐞𝐬𝐩𝐞𝐜𝐭 (सम्मान), और 𝐑𝐢𝐬𝐞 (उदय)। उन्होंने पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ मतदान के लिए जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस मतदान ने पूरे देश को संदेश दिया है कि परिवर्तन का शंखनाद हो चुका है।

आपका और मेरा दर्द एक है, बाहर वाला नहीं समझेगा

तेजस्वी ने अपने संदेश में भावनात्मक कार्ड खेलते हुए कहा, "आपका और मेरा सपना एक है। आपका और मेरा दर्द एक है, आपका और मेरा लक्ष्य एक है, इसे कोई बिहार के बाहर वाला नहीं समझ सकता।" उन्होंने बीजेपी और पीएम मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी हमेशा बिन बात के मुद्दों में जनता को उलझाने का प्रयास करते हैं, लेकिन मतदाताओं ने संयमित तरीके से 'पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई वाली तेजस्वी सरकार' को चुनने का मन बना लिया है।

20 साल के शासन पर सवाल

तेजस्वी ने कहा कि 20 साल के लंबे शासन के बावजूद, बिहार आज भी बेरोजगारी, पलायन, खराब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा, "पहले से ही बहुत देर हो चुकी है, बीस साल में हम विकास नहीं कर पाये, बीस साल में सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई... किसान को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिली, व्यापारी को घाटे से मुक्ति नहीं मिली और हर घर को महंगाई से मुक्ति नहीं मिली।" उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने केवल "आश्वासन, जुमले, झूठ, वादे और हवाबाजी" दी, जिसे बिहार अब एक सेकंड भी सहना नहीं चाहता।

'असली आजादी' और भविष्य की नीति

तेजस्वी यादव ने अपनी सरकार की योजनाओं को दोहराते हुए कहा कि उनकी नीतियां 'लोकनीति' और 'लोकहित की नीति' हैं।

  • लक्ष्य: उनका लक्ष्य बिहार के हर बिहारी को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है।
  • संकल्प: उन्होंने कहा कि असली आजादी बेरोजगारी, घूसखोरी, अत्याचार और असमानता से मुक्ति में है।
  • वादा: उन्होंने यह भी दोहराया कि गाँव का उत्थान होगा तभी राष्ट्र का उत्थान होगा और वह उसी भावना से बिहार के गांवों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

तेजस्वी यादव का यह संदेश दूसरे चरण के मतदान के बीच महागठबंधन की ओर से मतदाताओं को किया गया अंतिम और निर्णायक आह्वान माना जा रहा है।