भागलपुर में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर सर्वे पूरा, 24 किमी में बनेंगे 22 स्टेशन। 2030 तक शुरू होने की उम्मीद, रोजाना 15 हजार यात्रियों को होगा फायदा।

भागलपुर न्यूज: भागलपुर शहर में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। रेलवे उपक्रम राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) ने सर्वे पूरा कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह रिपोर्ट पेश की गई। राइट्स की रिपोर्ट में सुधार कर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की तैयारी है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। जिस कंपनी को यह टेंडर मिलेगा, वह मेट्रो परियोजना की डीपीआर तैयार करेगी। डीपीआर और मंजूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के बाद काम शुरू करने की योजना बनाई जाएगी।

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मेट्रो से रोजाना 15 हजार यात्रियों को होगा फायदा

भागलपुर मेट्रो परियोजना के तहत दो रूटों पर मेट्रो ट्रेनें चलेंगी। अधिकारियों के मुताबिक परियोजना पूरी होने के बाद रोजाना करीब 15 हजार यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। फरवरी 2025 के अंत तक डीपीआर का प्रारूप तैयार कर राज्य और केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। भागलपुर मेट्रो परियोजना के तहत 24 किलोमीटर की दूरी में 22 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।

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रेड लाइन स्टेशन

सैदपुर डिपो, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, जीरोमाइल चौक, भागलपुर एयरपोर्ट, आनंदगढ़ कॉलोनी, तिलकामांझी चौक, पुलिस लाइन, भीखनपुर, भागलपुर बस डिपो और भागलपुर रेलवे स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन के रूप में।

ब्लू लाइन स्टेशन

भागलपुर रेलवे स्टेशन, मुजाहिदपुर, महेशपुर, आनंद मार्ग कॉलोनी, बदरे आलमपुर, भैरोपुर और जगदीशपुर

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2030 तक चलने की उम्मीद

भागलपुर में मेट्रो रेल का भौगोलिक और स्थलाकृतिक सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। योजना के तहत सैदपुर में मेट्रो रेल डिपो बनाया जाएगा।

कॉरिडोर 1: बिहार कृषि विश्वविद्यालय से जीरो माइल होते हुए भागलपुर रेलवे स्टेशन और चंपा नदी तक।

कॉरिडोर 2: भागलपुर रेलवे स्टेशन से मुजाहिदपुर, महेशपुर होते हुए वास्तु विहार तक।

टीएनबी कॉलेज के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाने का सुझाव दिया गया है, जिस पर राइट्स लिमिटेड ने सहमति जताई है। जिला प्रशासन की अध्यक्षता में हितधारकों की एक और बैठक होगी, जिसमें मेट्रो स्टेशनों के नामों पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद 2030 तक मेट्रो रेल परियोजना के चालू होने की उम्मीद है।