उप मुख्यमंत्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के 4 फोरलेन हाईवे समेत रोड सेफ्टी और गुणवत्ता पर मंथन हुआ।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े इस शिविर का आयोजन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 'गतिशक्ति से प्रगति' थीम पर किया जा रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहे।

National Highway Summit में राज्यों के मंत्री और विशेषज्ञ जुटे

राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, गुणवत्ता, सुरक्षा और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप भी शिविर में शामिल हुए।

Highway Design और Road Safety पर हुई चर्चा

चिंतन शिविर के पहले दिन अलग-अलग सत्रों में भविष्य में बनाए जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सड़क परियोजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए जरूरी फ्रेमवर्क और प्रक्रियाओं पर अपने विचार रखे। इन चर्चाओं में तैयार होने वाले फ्रेमवर्क का लाभ राज्यों में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मिलने की उम्मीद है।

Chhattisgarh में इन चार रूट पर Four-Lane Highway की तैयारी

छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन में विकसित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इनमें प्रमुख रूप से ये फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजनाएं शामिल हैं-

  • रायपुर से जगदलपुर
  • बिलासपुर से रायगढ़
  • कटघोरा से अंबिकापुर
  • रायपुर से सारंगढ़

राष्ट्रीय चिंतन शिविर में परियोजना निर्माण और क्रियान्वयन को लेकर तय होने वाले नए फ्रेमवर्क इन महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

PM Gati Shakti से Infrastructure Planning पर जोर

चिंतन शिविर के पहले दिन तीन प्रमुख सत्र आयोजित किए गए। इनमें 'पीएम गतिशक्ति-समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन' पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि के प्रभावी उपयोग तथा सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। इन विषयों पर चर्चा का उद्देश्य सड़क परियोजनाओं में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को कम करना और परियोजनाओं की गति तथा गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाना है।

6 अक्टूबर को Safe Highway और Quality Monitoring पर मंथन

राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन यानी 6 अक्टूबर को सुरक्षित राजमार्गों की डिजाइन से लेकर उनके क्रियान्वयन तक के पहलुओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही गुणवत्ता आश्वासन और परियोजना मॉनिटरिंग भी चर्चा का प्रमुख विषय रहेगा। सड़क सुरक्षा के मानकों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी को लेकर विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे। दो दिवसीय इस चिंतन शिविर को राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के बेहतर नियोजन, सुरक्षित निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।