केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने रायपुर के सेरीखेड़ी मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत मॉडल बताया।
रायपुर। Kamlesh Paswan ने आज Raipur जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों और नवाचारों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की सराहना की। उन्होंने इसे देशभर के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय मॉडल बताया।

अजा परियोजना से बढ़ रही ग्रामीणों की आय और वैज्ञानिक पशुपालन को मिल रही नई दिशा
केंद्रीय मंत्री ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल 'अजा परियोजना' के कार्यों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ वैज्ञानिक पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं की सराहना की। मंत्री ने कहा कि महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य पहल है।
पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा बनी महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित 'प्रोजेक्ट पिंक दीदी' ई-ऑटो सेवा की भी तारीफ की। उन्होंने इस योजना से जुड़ी महिलाओं से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। मंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों और आजीविका सेवा केंद्रों का भी अवलोकन किया।
घर की जिम्मेदारी संभालने वाली महिलाएं अब बनीं व्यवसाय की डायरेक्टर
मंत्री श्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से भी चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। इस दौरान मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और महिला समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक महिला सशक्तिकरण है।
अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के दिए निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। उन्होंने अधिकारियों को इन योजनाओं के विस्तार पर अधिक जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और महिला स्व-सहायता समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई भी दी। दौरे के दौरान पंचायत सचिव Bhim Singh, कलेक्टर Gaurav Singh, जिला पंचायत सीईओ Kumar Biswaranjan सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
केंद्रीय मंत्री ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा, बिजनेस दीदी और एफपीओ समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत और प्रभावी पहल है।


