सूरजपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विशेष शिविर लगा। किसानों को 15 हजार रुपये की सहायता, KCC, एग्रीस्टैक, आयुष्मान कार्ड समेत कई योजनाओं की जानकारी दी गई।

रायपुर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सूरजपुर जिले में विशेष शिविर लगाया गया। शिविर में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और स्वास्थ्य सहित कई विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। अधिकारियों ने अलग-अलग योजनाओं की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया समझाई, ताकि लोग योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी से बच सकें।

Krishi Yojana: धान की जगह दूसरी फसल लेने पर 15 हजार रुपये की सहायता

कृषि विभाग ने शिविर में कृषक उन्नति योजना और फसल विविधीकरण से जुड़ी जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि धान के बजाय योजना के तहत पात्र अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का प्रावधान है। इस सहायता का लाभ लेने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी में संबंधित फसल की सही जानकारी दर्ज होना जरूरी है। किसानों को फसल की प्रविष्टि समय पर और सही तरीके से कराने की सलाह दी गई।

PM AASHA, सिंचाई योजना और किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी

शिविर में प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत दलहन और तिलहन की खरीदी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलने वाले अनुदान और कृषि यंत्रीकरण पर उपलब्ध सब्सिडी की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा अधिकारियों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए मिलने वाले ब्याजमुक्त ऋण के बारे में भी किसानों को बताया। आगामी धान खरीदी के दौरान पंजीयन से जुड़ी परेशानी न हो, इसके लिए किसानों से समय रहते एग्रीस्टैक पंजीयन पूरा कराने की अपील की गई।

मौसमी फसलों की खेती के लिए किया प्रेरित

उद्यानिकी विभाग ने किसानों को मौसमी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिकारियों ने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय के दूसरे विकल्प भी तैयार कर सकते हैं। वहीं, मत्स्य विभाग ने मछली बीज वितरण पर मिलने वाले अनुदान और मत्स्य पालन से जुड़े अवसरों की जानकारी ग्रामीणों को दी। विभाग की योजनाओं और सहायता का लाभ लेने के लिए जरूरी प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।

Ayushman Card: मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी

शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड बनवाने और इसके जरिए मुफ्त उपचार की सुविधा लेने के लिए जागरूक किया गया। गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी। ग्रामीणों को बताया गया कि अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की सुविधा उपलब्ध है और समय पर चिकित्सकीय उपचार बेहद जरूरी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और जन औषधि केंद्रों पर कम कीमत में मिलने वाली दवाइयों के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें सही प्रक्रिया के जरिए सरकारी सुविधाओं से जोड़ना रहा।