विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर नक्सलवाद से निकलकर शांति, सुरक्षा और विकास की राह पर बढ़ रहा है। सेवा संकल्प शिविर में लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिला।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि बस्तर लंबे समय तक चले नक्सलवाद और हिंसा के दौर से बाहर निकलकर अब शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब सरकारी योजनाएं और प्रशासनिक सेवाएं लोगों तक पहुंच रही हैं। इससे आम लोगों के बीच सुरक्षा और शासन के प्रति भरोसे का वातावरण भी मजबूत हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया और पात्र हितग्राहियों को वित्तीय सहायता, अधिकार अभिलेख, प्रमाण पत्र तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिया।
Bastar में नक्सलवाद के खिलाफ बदलाव, सेवा और संवेदना पर जोर
शिविर को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि मां दंतेश्वरी की कृपा और शासन-प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में माओवादी हिंसा अब समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धीरे-धीरे भय की जगह विश्वास और हिंसा की जगह विकास एवं सेवा का माहौल बन रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा और आईईडी विस्फोटों से प्रभावित आम नागरिकों और सुरक्षा जवानों के पुनर्वास के लिए चल रही पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय विशेष शिविर में पीड़ितों और दिव्यांगजनों को उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कृत्रिम हाथ लगने के बाद हितग्राही ने खुद उठाई पानी की बोतल
विजय शर्मा ने इस पहल से जुड़ा एक भावुक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कृत्रिम हाथ लगने के बाद एक हितग्राही ने उसी हाथ से पानी की बोतल उठाकर पानी पिया। कई वर्षों बाद अपने हाथ से सामान्य काम कर पाने की उस व्यक्ति की खुशी को याद करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहल किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, इसका अंदाजा इसी अनुभव से लगाया जा सकता है।
Service Sankalp Camp में एक ही जगह मिली कई सरकारी सेवाएं
जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में अलग-अलग विभागों ने पात्र लोगों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया। राजस्व विभाग ने आपदा प्रबंधन के तहत पांच बाढ़ प्रभावित लोगों को कुल 6.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अलावा 35 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। श्रम विभाग की ओर से मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत एक हितग्राही को 20 हजार रुपये की सहायता दी गई। वहीं मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत एक पात्र हितग्राही को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
किसानों और मछली पालकों को भी मिला लाभ
शिविर में कृषि विभाग ने पांच किसानों को फसल बीमा प्रमाण पत्र दिए। वहीं मत्स्य पालन विभाग ने तीन मत्स्य पालकों को मछली पकड़ने के जाल वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदन कार्ड और पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। इसके अलावा 12 नागरिकों के आधार विवरण को अपडेट किया गया। शिविर में जन्म एवं मृत्यु पंजीयन से जुड़े आवेदन भी लिए गए, जिससे लोगों को संबंधित कार्यालयों तक अलग से जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
Bastar Development: सांसद महेश कश्यप ने कहा- बदल रही तस्वीर
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के साथ आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का असर अब बस्तर में साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों तक उग्रवाद की वजह से बुनियादी सुविधाओं से दूर रहे इलाकों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। सांसद ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), निःशुल्क राशन, पक्के आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत, शिविर में मौके पर समाधान
महेश कश्यप ने कहा कि सेवा संकल्प शिविर का उद्देश्य लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना भी है। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
इस अवसर पर नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और नागरिक भी शामिल हुए।


