कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ के किसान तिहारूराम को 4 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। सुशासन शिविर में ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई।

रायपुर। खेती-किसानी को आधुनिक और अधिक लाभदायक बनाने में कृषि यंत्रों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। इसी दिशा में राज्य शासन की कृषि यंत्रीकरण योजना छोटे और मध्यम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना का सकारात्मक असर विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम गधाभाटा के प्रगतिशील किसान तिहारूराम चंद्रा के जीवन में भी देखने को मिला, जिनका खुद का ट्रैक्टर खरीदने का वर्षों पुराना सपना अब पूरा हो गया है।

सुशासन शिविर में मिला ट्रैक्टर, 4 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी बनी सहारा

ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने किसान तिहारूराम चंद्रा को नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। करीब 9.40 लाख रुपये कीमत वाले ट्रैक्टर की खरीद पर राज्य शासन की ओर से 4 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। सरकारी सहायता मिलने से किसान का आर्थिक बोझ काफी कम हुआ और वह आसानी से अपना ट्रैक्टर खरीद सके।

पहले किराये के ट्रैक्टर पर निर्भर थे किसान, अब समय पर होगी खेती

तिहारूराम चंद्रा ने बताया कि कम जमीन और सीमित संसाधनों की वजह से उन्हें खेती के लिए हर बार किराये का ट्रैक्टर लेना पड़ता था। कई बार समय पर ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं होने से खेती का काम भी प्रभावित होता था। उन्होंने कहा कि सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत मिली 4 लाख रुपये की सब्सिडी ने उनका सपना पूरा कर दिया है। अब वे समय पर खेती कर सकेंगे, उत्पादन बढ़ा सकेंगे और खेती को अधिक आधुनिक व लाभकारी बना पाएंगे।

वन स्टॉप सेंटर के जरिए किसानों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान

सुशासन तिहार के अंतर्गत लगाए गए शिविरों में कृषि विभाग ने वन स्टॉप सेंटर के रूप में विशेष स्टॉल लगाए। यहां किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों तक सीधे पहुंचाया गया। शिविर के दौरान कृषि विभाग को कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 545 आवेदन मांग संबंधी और 30 आवेदन शिकायत संबंधी थे। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 572 आवेदनों का निराकरण कर दिया, जिनमें 544 मांग संबंधी और 28 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल रहे। इस पहल ने सुशासन और प्रभावी प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को दिए गए कृषि सामग्री और उपकरण

शिविर में किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए कई उपयोगी कृषि सामग्री भी वितरित की गई। इनमें नीम आधारित कीटनाशक, हरित खाद, प्रमाणित बीज और विभिन्न लघु कृषि यंत्र शामिल रहे। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती की लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाना है।

PM किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और एग्री स्टैक जैसी योजनाओं की दी गई जानकारी

उप संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों की टीम ने किसानों के साथ चौपाल आयोजित कर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। किसानों को जिन प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई, उनमें शामिल हैं-

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  • सॉइल हेल्थ कार्ड योजना
  • एग्री स्टैक पंजीयन
  • प्राकृतिक एवं जैविक खेती मिशन
  • परंपरागत कृषि विकास योजना
  • दलहन एवं तिलहन प्रोत्साहन कार्यक्रम
  • हरित खाद के उपयोग की जानकारी

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में किसान कल्याण की दिशा में बना सफल अभियान

जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में कृषि विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि यंत्रीकरण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बना। यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। साथ ही, सुशासन, जनभागीदारी और किसान हितैषी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का भी यह एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।