छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों द्वारा लगाए गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) की चपेट में आने से अर्धसैनिक बल के दो जवानों की मौत हो गई।

Chhattisgarh Sukma: छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों द्वारा लगाए गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) की चपेट में आने से अर्धसैनिक बल के दो जवान शहीद हो गए हैं। हादसे के वक्त अर्धसैनिक बल के जवान ट्रक से यात्रा कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि ये जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशेष माओवादी विरोधी इकाई कोबरा के थे। 

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पुलिस ने कहा कि जब IED हमला हुआ तब वे दोपहर करीब 3 बजे रोड-ओपनिंग गश्ती (RPO) के हिस्से के रूप में 201 कोबरा बटालियन के जवान एक ट्रक और मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे। ये हादसा कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (CoBRA) जगरगुंडा पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत सील गेर कैंप से टेकल गुडेम के पास गश्ती करने वक्त हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक मृतक कोबरा जवानों की पहचान विष्णु आर और शैलेन्द्र के रूप में की गई। पुलिस ने IED के ब्लास्ट के बाद कहा कि अधिक बल दुर्घटना ग्रस्त इलाके में पहुंच गए हैं और माओवादियों की तलाश कर रहे हैं।

IED जवानों के लिए बहुत बड़ा खतरा

एक्सपर्ट का कहना है कि छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियानों में लगे जवानों के लिए IED एक बहुत बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कच्चे विस्फोटकों को अक्सर छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में सड़क के किनारे लगे पौधों में छुपाया जाता है, जिससे गश्ती दल के लिए समय पर पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इसके ब्लास्ट से कई जवान शहीद हो जाते हैं।

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