अम्बिकापुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सामूहिक योगाभ्यास किया और योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन व राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।
रायपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अम्बिकापुर स्थित पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनके साथ योगाभ्यास किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अनमोल धरोहर है। आज यह पूरी दुनिया को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन की दिशा दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवनशैली है, जो व्यक्ति को आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और मानसिक मजबूती प्रदान करती है।
‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम को बताया समय की जरूरत
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान परिस्थितियों में बेहद प्रासंगिक है। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग हर आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सरल और प्रभावी माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से जागरूक और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ परिवार, समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। इसलिए योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और निरंतर प्रयासों के कारण योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन मिला, जिसने दुनिया भर में योग की स्वीकार्यता को प्रमाणित किया। उन्होंने कहा कि आज 21 जून को विश्वभर में जिस उत्साह और सहभागिता के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।
योग से मिलती है बेहतर सेहत और मानसिक संतुलन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी प्रभावी साधना है, जो जीवन के प्रत्येक चरण में लाभकारी सिद्ध होती है। योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। उन्होंने बताया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं की रोकथाम में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी अब योग को बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में स्वीकार कर रहा है।
महर्षि पतंजलि और भारतीय परंपरा से जुड़ा है योग
मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि योग सदियों से भारतीय संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर मानव जीवन को संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बनाने का मार्ग दिखाया।
छत्तीसगढ़ में योग शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार योग के विस्तार और संस्थागत विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी दिशा में योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है, ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन बनाया जा सके।
युवाओं और विद्यार्थियों से योग अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों और युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में योग को बढ़ावा देने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक योग से नहीं जुड़े हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता।
स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि योग को हर घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य पर भी दिया जोर
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं के शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी बताया योग का महत्व
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है।
कार्यक्रम में विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक श्री राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे।


