Ambedkar jayanti 2026: रायपुर में आंबेडकर जयंती पर आयोजित समरसता भोज में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम लोगों के साथ बैठे और भोजन परोसा। जानिए कैसे इस आयोजन के जरिए संविधान, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
रायपुर में आंबेडकर जयंती के मौके पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सिर्फ कार्यक्रम नहीं बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया। राजधानी के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित समरसता भोज में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम लोगों के बीच पहुंचे, उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया और खुद अपने हाथों से खाना परोसा। यह आयोजन B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर किया गया, जिसका मकसद समाज में समानता और भाईचारे को मजबूत करना था।
“संविधान हमारी ताकत है” CM साय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के सम्मान और अधिकार की नींव है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी मजबूती का सबसे बड़ा कारण उसका संविधान है, जिसे बाबा साहेब आंबेडकर ने तैयार किया।
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समरसता भोज से दिया बड़ा सामाजिक संदेश
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने VIP कल्चर से हटकर आम लोगों के साथ बैठकर खाना खाया। उन्होंने खुद लोगों को खाना परोसते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि समाज में सभी बराबर हैं और किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में बाबा साहेब आंबेडकर के जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने दम पर इतिहास रचा। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
नारी शिक्षा पर भी रहा फोकस
CM साय ने बताया कि बाबा साहेब ने महिलाओं की शिक्षा और सम्मान के लिए भी अहम काम किए। उन्होंने यह भी कहा कि Jyotirao Phule और Savitribai Phule द्वारा शुरू किए गए सामाजिक सुधार और नारी शिक्षा के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया।
‘पंच तीर्थ’ के जरिए मिल रहा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थानों को ‘पंच तीर्थ’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को समझ सकें।
कार्यक्रम में कई नेता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस मौके पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक किरण सिंह देव, पुरंदर मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए समाज में समानता और न्याय को मजबूत करने पर जोर दिया।
क्यों अहम है ऐसा आयोजन?
आज के समय में जब समाज कई बार छोटे-छोटे मुद्दों पर बंटता नजर आता है, ऐसे में ‘समरसता भोज’ जैसे कार्यक्रम लोगों को एक साथ लाने का काम करते हैं। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह याद दिलाने की कोशिश है कि संविधान में लिखी गई समानता की बात को जमीन पर कैसे उतारा जाए।
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