Chhattisgarh Tourism News: राजमेरगढ़ सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों के निरीक्षण में कलेक्टर ने बैगा कुटीर, सुविधाओं, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी।

GPM Tourism News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी दिशा में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. स्वयं पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने राजमेरगढ़ का विस्तृत दौरा किया और निर्माणाधीन बैगा कुटीर सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राजमेरगढ़ में बैगा कुटीर को मिलेगा पारंपरिक और आकर्षक स्वरूप

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजमेरगढ़ पहाड़ी की चोटी पर बन रही बैगा कुटीर का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि इसका निर्माण प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप पारंपरिक, आकर्षक और हवादार शैली में किया जाए। उनका कहना था कि यह कुटीर बैगा जनजाति की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली को प्रदर्शित करने वाला प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटक स्थानीय संस्कृति को करीब से जान सकेंगे। उन्होंने आगामी सावन माह में ज्वालेश्वर धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।

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ज्वालेश्वर धाम, दुर्गाधारा और अन्य पर्यटन स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ज्वालेश्वर धाम, माई का मड़वा, दुर्गाधारा और ठाड़ पथरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी दौरा किया। उन्होंने यहां विकसित पर्यटन अधोसंरचना, मूलभूत सुविधाओं और पर्यटकों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, विश्राम स्थल, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। उनका उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि जिले में पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ावा मिल सके।

स्थानीय संस्कृति और रोजगार को पर्यटन से जोड़ने पर जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्यटन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से भी चर्चा की। उन्होंने समितियों की आय-व्यय व्यवस्था, पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय रोजगार से जुड़े विषयों की जानकारी ली। उन्होंने समितियों को प्रेरित किया कि स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, पारंपरिक खाद्य सामग्री और बैगा जनजातीय संस्कृति को पर्यटन से जोड़ा जाए। इससे पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों और संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिलेगा, वहीं ग्रामीणों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय में भी वृद्धि होगी।

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पर्यटन समितियों को मिलेगा तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण

कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पर्यटन प्रबंधन समितियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। इसके साथ ही उन्होंने सभी पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, विश्राम सुविधाएं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।

जनसहभागिता से मजबूत होगा पर्यटन विकास मॉडल

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। राजमेरगढ़ सहित जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का यह निरीक्षण केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक धरोहर और ग्रामीण आजीविका को पर्यटन से जोड़ते हुए जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल को मजबूत करना है। जिला प्रशासन का मानना है कि इन प्रयासों से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को छत्तीसगढ़ के उभरते हुए प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में नई पहचान मिलेगी तथा पर्यटन के माध्यम से क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को भी नई गति प्राप्त होगी।