छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की फेम ट्रिप पहल के तहत देशभर के टूर ऑपरेटर्स ने अम्बिकापुर के होटलों और आतिथ्य सुविधाओं का अनुभव लिया। सरगुजा की पर्यटन संभावनाओं, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। अब इस क्षेत्र को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने नई पहल शुरू की है। फेम ट्रिप से पहले अम्बिकापुर में आयोजित विशेष होटल भ्रमण कार्यक्रम के जरिए देशभर से आए टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स को यहां की आतिथ्य परंपरा और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से रूबरू कराया गया।

अम्बिकापुर के होटलों में दिखी आधुनिक सुविधाएं

कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों से पहुंचे टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स का होटल पर्पल आर्किड में पारंपरिक तरीके से तिलक और स्वागत पेय के साथ अभिनंदन किया गया। इसके बाद उन्हें होटल की आवासीय व्यवस्था, भोजन सुविधाएं, बैंक्वेट हॉल और अन्य अतिथि सेवाओं का विस्तृत परिचय कराया गया।

दोपहर बाद सभी अतिथियों ने होटल माखन विहार का भी भ्रमण किया। यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता और पर्यटकों के लिए तैयार की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन कर उन्होंने होटल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। इस भ्रमण का उद्देश्य यह दिखाना था कि सरगुजा अब गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सुविधाओं के लिए भी तैयार है।

पर्यटन की संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

होटल भ्रमण के बाद आयोजित हाई-टी कार्यक्रम में सरगुजा के प्रमुख पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर, जनजातीय जीवन और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स ने क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। उनका मानना था कि बेहतर प्रचार-प्रसार और पर्यटन पैकेज तैयार किए जाएं तो सरगुजा देश-विदेश के यात्रियों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बन सकता है।

पर्यटन उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

कार्यक्रम के अंत में आए प्रतिनिधियों ने कहा कि सरगुजा प्रकृति, संस्कृति और विरासत का अनूठा संगम है, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि फेम ट्रिप जैसे परिचयात्मक कार्यक्रमों से अधिक पर्यटक इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल सरगुजा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय होटल उद्योग, रोजगार के अवसरों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऐसी गतिविधियां लगातार जारी रहीं तो आने वाले वर्षों में सरगुजा राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।