एक शादी ऐसी भी... ना सिंदूर ना मंगलसूत्र, मंत्र की जगह पढ़ी गई संविधानजशपुर के पत्थलगांव में एक अनोखी शादी चर्चा में है, जहां दूल्हा-दुल्हन ने बिना किसी रस्म के संविधान की शपथ लेकर जीवन भर साथ रहने का फैसला किया। गुरु घासीदास जयंती पर हुए इस विवाह में न बैंड बाजा था, न फेरे, सिर्फ़ संविधान की गूंज।