मदर्स डे के अवसर पर रायपुर महिला जेल में महिला बंदिनियों के लिए वीडियो कॉलिंग सिस्टम शुरू किया गया। अब बंदिनियां अपने परिजनों और वकीलों से वीडियो कॉल पर बात कर सकेंगी। साथ ही 38 बंदिनियों को कौशल विकास प्रशिक्षण के प्रमाण-पत्र भी दिए गए।
रायपुर। मदर्स डे के खास अवसर पर रायपुर महिला जेल में बंद महिला बंदिनियों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma की घोषणा के अनुसार जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस पहल से महिला बंदिनियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।

अब परिवार और वकीलों से सीधे वीडियो कॉल पर हो सकेगी बात
जेल विभाग और BSNL के बीच हुए समझौते के तहत महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। इस सुविधा के जरिए अब महिला बंदी अपने परिवार के सदस्यों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर सकेंगी। इस नई व्यवस्था से बंदिनियों को मानसिक सहयोग मिलेगा और कानूनी मामलों में चर्चा करने में भी आसानी होगी। जेल प्रशासन का मानना है कि यह कदम महिला बंदिनियों को परिवार से जोड़ने में मददगार साबित होगा।
निश्चय कार्यक्रम के तहत 38 महिला बंदिनियों को मिला प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास प्रशिक्षण पूरा करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पहल बंदिनियों के पुनर्वास और उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
महिला जेल में रह रहे बच्चों को भी दिए गए विशेष उपहार
महिला जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 बच्चों को भी विशेष उपहार वितरित किए गए। उपहार मिलने से बच्चों के चेहरे खिल उठे और जेल परिसर का माहौल उत्सव जैसा हो गया।
जेल सुधार और तकनीकी सुविधाओं की दिशा में बड़ा कदम
इस संवेदनशील पहल के शुभारंभ कार्यक्रम में जेल विभाग और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें Himanshu Gupta, Yogesh Singh Kshatri, Vijay Chhablani और Garima Pandey सहित जेल स्टाफ और महिला बंदिनियां शामिल रहीं। जेल प्रशासन के अनुसार यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार और तकनीकी सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगी।


