खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में रायपुर में आयोजित 88 किग्रा भारोत्तोलन में रुबा ताडु ने 274 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक जीता। देवरकोंडा प्रेम सागर और सोरम टाग्रू क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल मैदान में पुरुष 88 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में देशभर से आए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की, जिससे प्रतियोगिता बेहद प्रतिस्पर्धी रही।
रुबा ताडु बने चैंपियन: 274 किग्रा के साथ जीता गोल्ड मेडल
इस प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश के रुबा ताडु ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 274 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 117 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 157 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी जीत सुनिश्चित की।
देवरकोंडा प्रेम सागर और सोरम टाग्रू ने जीते रजत और कांस्य पदक
दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश के देवरकोंडा प्रेम सागर रहे, जिन्होंने कुल 270 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं तीसरे स्थान पर अरुणाचल प्रदेश के सोरम हिटलर टाग्रू रहे, जिन्होंने 262 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।
अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन: ओडिशा, असम और मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी चमके
प्रतियोगिता में ओडिशा के सनातन मलिक 249 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहे। असम के प्रीतम सोनोवाल ने 248 किलोग्राम उठाकर पांचवां स्थान हासिल किया। मध्यप्रदेश के पृथ्वीराज चौहान 226 किलोग्राम के साथ छठे स्थान पर रहे।
अन्य राज्यों के खिलाड़ियों ने भी लिया हिस्सा और बढ़ाया अनुभव
इसके अलावा त्रिपुरा के डेनियल जमातिया (192 किग्रा), गोवा के एलेस्टर गोम्स (152 किग्रा), तेलंगाना के सिद्दाबोइना नवीन (146 किग्रा) और छत्तीसगढ़ के छत्रपाल ठाकुर (130 किग्रा) ने भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से अनुभव प्राप्त किया और भविष्य के लिए खुद को तैयार किया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच
इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, जहां हर प्रतिभागी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों के बीच खेल भावना और एकता को भी मजबूत करता है।
आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभा को मिल रहा नया अवसर
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने यह साबित कर दिया है कि आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अगर सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
