जशपुर जिले में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से 82 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। पेंशन, दिव्यांग सहायता, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जरूरतमंदों को आर्थिक मदद, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन प्रदान कर रही हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं जशपुर जिले के हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं से कुल 82,583 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। यह आंकड़ा जिले में मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है। समाज कल्याण विभाग की ये योजनाएं न केवल आर्थिक मदद दे रही हैं, बल्कि लोगों को सम्मानजनक जीवन, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन गुणवत्ता भी प्रदान कर रही हैं।
उप संचालक समाज कल्याण विभाग ने बताया कि ये योजनाएं जशपुर में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं।
पेंशन योजनाएं जशपुर: बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजनों को मिल रहा सहारा
जशपुर जिले में कई पेंशन योजनाएं जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही हैं—
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 16,509 बुजुर्गों को लाभ
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 4,356 महिलाओं को सहायता
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 656 दिव्यांगजन लाभान्वित
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 14,294 हितग्राही लाभान्वित
- सुखद सहारा पेंशन योजना के अंतर्गत 4,407 लोगों को सहायता
- सबसे अधिक लाभार्थी मुख्यमंत्री पेंशन योजना में हैं, जिसमें 40,244 लोग शामिल हैं।
इसके अलावा परिवार सहायता योजना के तहत 102 परिवारों को आर्थिक सहयोग दिया गया, जिससे कठिन समय में उन्हें राहत मिली।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाएं: आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं—
- दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के तहत 180 विद्यार्थियों को सहायता
- दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना से 5 लोगों को लाभ
- कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 290 लोगों को उपकरण दिए गए
- दिव्यांगजन सामर्थ्य विकास योजना से 550 हितग्राही लाभान्वित
- ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ योजना के तहत 4 दिव्यांग छात्रों को शिक्षा में सहयोग
इन योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजन न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सामाजिक पुनर्वास और नशामुक्ति: मुख्यधारा में वापसी की पहल
जशपुर जिले में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के जरिए अब तक 157 लोगों को नशे से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।यह पहल न केवल व्यक्तियों बल्कि उनके परिवारों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वृद्धाश्रम और तीर्थ दर्शन योजना: बुजुर्गों के जीवन में सम्मान और संतोष
जशपुर नगर में स्थित जनक वृद्धाश्रम में 12 बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की सुविधा मिल रही है। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 782 वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई गई, जिससे उन्हें आध्यात्मिक संतोष प्राप्त हुआ।
इसके अलावा मोटराइज्ड ट्राईसायकल योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान की जा रही है, जिससे उनका दैनिक जीवन आसान हो रहा है।


