दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण GRAP-4 लागू। स्कूल, ऑफिस और गाड़ियों पर पाबंदियां। जानिए क्या खुला रहेगा और क्या बंद।

नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही एक बार फिर GRAP-4 लागू हो गया है। घना कोहरा छाने और AQI (Air Quality Index) के खतरनाक रूप से 'गंभीर' श्रेणी के करीब पहुंचने के चलते यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही राजधानी तथा आसपास के क्षेत्रों में कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

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अपने आदेश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बताया कि दिल्ली में AQI मंगलवार को 275 था। यह बुधवार को 386 हो गया। घने कोहरे की स्थिति और कम तापमान के कारण स्थिति खराब हो गई है।

दिल्ली में क्या अनुमति है और क्या नहीं

  • दिल्ली और आसपास के एनसीआर जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों का इस्तेमाल बैन है।
  • क्लास 10 और 12 के छात्रों को छोड़कर स्कूलों में क्लास अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड में चलेंगी। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद व गौतम बुद्ध नगर जिलों में भौतिक और ऑनलाइन दोनों मोड में (जहां भी ऑनलाइन मोड संभव हो) क्लास चलाए जाएंगे।
  • NCR राज्य सरकारें/दिल्ली सरकार यह तय करेगी कि सरकारी, नगर निगम और निजी ऑफिस में 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए या नहीं। केंद्र सरकार के पास यह निर्णय लेने का अधिकार है कि वह अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे या नहीं।
  • दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आवश्यक सामान ले जाने वाले ट्रकों और आवश्यक सेवाएं देने वाले ट्रक चलेंगे। एलएनजी/सीएनजी/इलेक्ट्रिक/बीएस-VI डीजल ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी।
  • ईवी/सीएनजी/बीएस-VI डीजल के अलावा दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हल्के वाणिज्यिक वाहन, आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले या आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले वाहनों को छोड़कर राजधानी में प्रवेश नहीं कर सकते।
  • दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-IV और उससे नीचे के डीजल वाले मध्यम और भारी वाहन नहीं चलेंगे। केवल आवश्यक सेवाओं को ले जाने वाले वाहन चलेंगे।
  • कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद करना, गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों पर रोक लगाना, वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाना और कारों के लिए ऑड-इवन नियम लागू करने जैसे फैसले राज्य सरकारें ले सकती हैं।

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