आम आदमी पार्टी ने नरेला से दिनेश भारद्वाज की जगह शरद चौहान को चुनावी मैदान में उतारा है। शरद चौहान पहले भी नरेला से विधायक रह चुके हैं, लेकिन एक आत्महत्या के मामले में उनका नाम भी उछला था।

नई दिल्ली। नामाकंन से पहले आम आदमी पार्टी ने दो सीटों से उम्मीदवार बदले हैं। आप ने नरेला से शरद चौहान और हरिनगर से सुरिंदर सेतिया को उम्मीदवार के तौर पर चुनने का काम किया है। दिनेश भारद्वाज की जगह शरद चौहान और राजकुमारी ढिल्लों की जगह सुरिंदर सेतिया को टिकट दिया गया है। पार्टी की तरफ से 70 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही उतारा दिए गए थे, लेकिन अचानक से ऐसा बदलाव लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है। दिल्ली में नामांकन की प्रक्रिया इस वक्त शुरू है और 17 जनवरी तक नॉमिनेशन फाइल किए जा सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कौन है शरद चौहान? जिन पर केजरीवाल ने लगाया है आखिरी वक्त पर दांव

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शरद चौहान का परिवार

शरद कुमार चौहान को लोग शरद कुमार के नाम से भी जाना जाता है। वे नरेला निर्वाचन क्षेत्र से दिल्ली की छठी विधानसभा के सदस्य (एमएलए) थे और राजस्व के संसदीय सचिव के रूप में भी चुने गए थे। 29 जून 1975 को दिल्ली के नरेला में उनका जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम जिले सिंह और मां विद्या देवी है। शरद चौहान के दो बड़े भाई भी हैं। सबसे बड़ा भाई अखिल चौहान रोहिणी इलाके में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड में इंजीनिय और जिला प्रबंधक है। वहीं, दूसरा भाई विकास चौहान एक डॉक्टर है। शरद चौहानी की शादी रीता चौहान से हुई है। उनके दो बेटे अभिनव और अर्चित हैं। उनकी पत्नी भी दिल्ली नगर निगम की पार्षद और एक हाउस वाइफ भी हैं।

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पेशा और पढ़ाई

पहले जमा किए गए हफनामे के मुताबिक उन्होंने अपना किसान बताया है। उन्होंने अपनी दसवीं पढ़ाई चौहान मैट्रिकुलेट और 12वीं की पढञाई गर्वमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बख्तावपुर से की है। इस वक्त वो दिल्ली के बकौली गांव में रहते हैं। वहीं, 2016 में नरेली की सोनी नाम की एक लड़की की आत्महत्या के मामले में उन्हें बाकी 6 लोगों के साथ गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई है।

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