ट्रांसजेंडर राजन सिंह आम जनता पार्टी से कालकाजी सीट पर चुनाव लड़ेंगे। 'खड़ाऊं सीएम' के खिलाफ मैदान में उतरे राजन ने कहा कि आप सरकार ने उनके समुदाय के लिए कुछ नहीं किया।

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर इस वक्त लोगों के बीच चर्चा जबरदस्त तरीके से बनी हुई है। कालकाजी सीट इस वक्त लोगों के साथ-साथ कई राजनीतिक पार्टियों की आंखों में चढ़ी हुई है। अब ट्रांसजेंडर समुदाय ने भी अपना उम्मीदवार कालकाजी सीट पर उतारा है। 27 साल के ट्रांसजेंडर राजन सिंह को आम जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार के तौ पर उतारा है। राजन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। संगम विहार के रहने वाले राजन ने अपने ट्रांसजेंडर दोस्तों औऱ समर्थकों के साथ अपना नामांकन जारी किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

गरीबी के चलते छोड़ी पढ़ाई

पीटीआई से बात करते हुए राजन सिंह ने कहा,' आज मैंने आम जनता पार्टी इंडिया से नामांकन दाखिल किया है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने 10 सालों में हमारे लिए कुछ नहीं किया और इसीलिए आज दिल्ली की सबसे ताकतवर महिला, जिन्हें खड़ाऊ सीएम भी कहा जाता है, उनके खिलाफ मैंने नामांकन किया है।' राजन की तीन बहने और माता-पिता है। राजन बिहार छपरा के रहने वाले हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका जन्म एक लड़के के तौर प हुआ था। आर्थिक तंगी के बाद भी उनके माता-पिता ने उनका दाखिली प्राइवेट स्कूल में करवाया। 8वीं क्लास में जब फीस जमा नहीं हो पाई तब उसे स्कूल से निकाल दिया गया।

ये भी पढ़े-

5 दिनों तक दिल्ली के ये रास्ते बंद, आम जनता होगी परेशानी, उल्लंघन करने पर सजा

ऐसे शुरू किया अपना चुनाव का सफर

2016 में उन्होंने आर्यभट्ट कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। कॉलेज में भी उनके साथ गलत बर्ताव किया जाता था। दिल्ली यूनिवर्सिटी में जब चुनाव होने वाले थे। तब उन्होंने इसमें हिस्सा लेने के बारे में सोचा। जॉइंच सेक्रेटरी के पद के लिए उन्होंने चुनाव लड़ा और वो जीते भी। कॉलेज में टीचर्स और स्टूडेंट्स भी उनके साथ गलत बर्ताव करते थे। इसीलिए वो कॉलेज नहीं जाया करते थे और उनकी अटेंडेंस कम हो गई। 2017 की परीक्षा में उन्हें एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। ऐसे में उन्हें परीक्षा देने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। आपकी जानकारी के लिए बता दें राजन सिंह लोकसभा चुनाव के लिए भी लड़ चुके हैं।

ये भी पढ़ें-

जानिए कौन है शरद चौहान? जिन पर आखिरी वक्त पर दांव लगाकर केजरीवाल ने लिया रिस्क