दिल्ली GST विभाग ने रेलवे अधिकारियों के साथ कार्रवाई कर 6 करोड़ रुपये मूल्य का 50 टन तांबा और 2 टन एल्युमिनियम जब्त किया। माल बिना बिल और ई-वे बिल के ले जाया जा रहा था।

दिल्ली में कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए GST विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि विशेष खुफिया सूचना के आधार पर दिल्ली GST विभाग ने रेलवे अधिकारियों के सहयोग से बड़े पैमाने पर माल जब्त किया है।

कार्रवाई के दौरान करीब 50 टन तांबा (कॉपर) बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दो टन एल्युमिनियम इंगट (Aluminium Ingots) भी जब्त किए गए हैं।

Scroll to load tweet…

बिना बिल और ई-वे बिल के हो रहा था परिवहन

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए धातु उत्पादों का परिवहन आवश्यक दस्तावेजों के बिना किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार माल के साथ अनिवार्य टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल मौजूद नहीं थे, जो GST कानून के तहत जरूरी हैं। GST व्यवस्था में एक निश्चित मूल्य से अधिक के माल के परिवहन के लिए वैध टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल रखना अनिवार्य होता है। इन दस्तावेजों का उद्देश्य माल की आवाजाही को पारदर्शी बनाना और कर चोरी को रोकना है।

करोड़ों के कारोबार पर विभाग की नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि कॉपर और एल्युमिनियम जैसे औद्योगिक धातुओं का उपयोग बिजली, निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में इनकी अवैध ढुलाई से सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। दिल्ली GST विभाग अब जब्त किए गए माल की खरीद-बिक्री, स्रोत और गंतव्य से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। जांच के बाद संभावित कर देनदारी, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

GST नियमों के तहत आगे की कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार कर चोरी और राजस्व नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि मामले में GST नियमों के तहत आगे की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित कारोबारियों और परिवहन से जुड़े पक्षों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि यह कोई संगठित कर चोरी का मामला है या नहीं।

कर चोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ी

पिछले कुछ समय से दिल्ली GST विभाग कर चोरी और फर्जी बिलिंग के मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है। रेलवे, परिवहन एजेंसियों और अन्य विभागों के साथ समन्वय बढ़ाकर माल परिवहन की निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की कार्रवाई न केवल सरकारी राजस्व की सुरक्षा करती है, बल्कि वैध कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का माहौल भी सुनिश्चित करती है।