दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है। बम की धमकियों के बाद यहां 8 वॉचटावर, UVSS, RFID और नई CCTV तकनीक लगाई जा रही है।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और हाईटेक होने जा रही है। विधानसभा परिसर में 8 नए वॉचटावर, CRPF के लिए खास पेट्रोलिंग ट्रैक, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS), हाइड्रोलिक बोलार्ड्स, फोटो आईडी वाले फ्लैप बैरियर और RFID तकनीक लगाई जा रही है। इसके अलावा, CCTV नेटवर्क को भी बढ़ाया जा रहा है और रिसेप्शन पर एक नया डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया गया है।
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, उन्होंने बताया कि विधानसभा परिसर को बम से उड़ाने की पिछली धमकियों और सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
परिसर की निगरानी बढ़ाने के लिए विधानसभा के आगे, पीछे और रिसेप्शन के पीछे वाली जगहों पर 8 वॉचटावर बनाए जा रहे हैं। इनमें से एक वॉचटावर का काम पूरा भी हो चुका है। इन टावरों पर CRPF के जवान तैनात रहेंगे। ये जवान पूरे परिसर पर पैनी नजर रखेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लेंगे।
रिलीज के अनुसार, CRPF जवानों की गश्त के लिए बाउंड्री के साथ-साथ एक खास पेट्रोलिंग ट्रैक भी बनाया जा रहा है। इसका करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस ट्रैक की मदद से सुरक्षाकर्मी आसानी से गश्त कर सकेंगे और संवेदनशील इलाकों की बेहतर निगरानी कर पाएंगे।
एंट्री को सुरक्षित बनाने के लिए गेट नंबर 1 से 5 तक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बिना इजाजत घुसने वाली गाड़ियों को रोकने के लिए हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड्स भी लगाए गए हैं।
गेट नंबर 2 और 5 पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाए गए हैं। इससे अंदर आने वाली हर गाड़ी की अच्छे से चेकिंग हो सकेगी। यह सिस्टम संदिग्ध गाड़ियों और फर्जी नंबर प्लेट को पहचानने में सुरक्षाकर्मियों की काफी मदद करेगा।
गेट नंबर 1 पर फोटो आईडी वाले फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं। इससे विधानसभा में आने वाले लोगों की सही तरीके से पहचान हो सकेगी और उनका रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। वहीं, RFID सिस्टम से अंदर आने वाली गाड़ियों की पहचान और उनका डेटा रखने में आसानी होगी।
फिलहाल विधानसभा परिसर में करीब 120 CCTV कैमरे लगे हुए हैं। निगरानी को और पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस से उन 'डार्क स्पॉट्स' की पहचान करने को कहा गया है, जहां नए कैमरे लगाए जा सकें। इससे पूरे परिसर की बिना किसी रुकावट के निगरानी हो सकेगी।
रिसेप्शन पर विजिटर्स के रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के लिए एक डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। इस सिस्टम में आने वाले की फोटो और उसके आने का कारण दर्ज किया जाएगा। इससे एंट्री मैनेजमेंट और भी ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इन सभी बदलावों का मकसद दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा को एक मजबूत और हाईटेक ढांचा देना है। फिजिकल सिक्योरिटी, गाड़ियों की चेकिंग, डिजिटल पहचान, CCTV और बेहतर गश्त के जरिए किसी भी खतरे को समय रहते पहचाना जा सकेगा। इससे विधानसभा के विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और यहां आने वाले आम लोगों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित होगी।








