दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने नरेला का दौरा कर डीडीए के रेडी-टू-मूव फ्लैट्स और विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस, एमसीडी और डीजेबी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को नरेला का दौरा किया। उन्होंने यहां दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया। एलजी ने सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस, साफ-सफाई के लिए एमसीडी, पानी और सीवर के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और डीटीसी कनेक्टिविटी के लिए परिवहन विभाग के कामों की भी समीक्षा की।

एलजी ने कहा कि दिल्ली के लोगों में रेडी-टू-मूव फ्लैट्स को लेकर काफी क्रेज है, जो इनकी तेजी से हो रही बिक्री से साफ दिखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि फ्लैट खरीदने वालों को सभी जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा मिले। एलजी ने नरेला में सस्ते घर देने के लिए डीडीए की डिस्काउंट स्कीम जैसी नई पहलों की तारीफ भी की।

एलजी ने पॉकेट 11, सेक्टर A1-A4 में डीडीए के रेडी-टू-मूव फ्लैट्स का मुआयना करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को जल्द से जल्द जगह मुहैया कराई जाए ताकि पुलिस स्टेशन, चौकियां और बीट जल्दी शुरू हो सकें।

एलजी ने साफ किया कि इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से अपराध और ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस व्यवस्था से लोगों में सुरक्षा की भावना आएगी और निगरानी भी बेहतर होगी। एलजी का मानना है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ पब्लिक सुविधाएं, अच्छी जगहें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी होने चाहिए। एलजी ने चेतावनी दी कि निवासियों को सुविधाएं देने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह खुद इलाके में चल रहे विकास कार्यों और सेवाओं की लगातार निगरानी करेंगे।

आपको बता दें कि डीडीए अपनी श्रमजीवी और कर्मजीवी आवास योजना जैसी स्कीमों के जरिए दिल्ली वालों को शानदार फ्लैट्स दे रहा है। इन फ्लैट्स की भारी डिमांड है और रजिस्ट्रेशन शुरू होने के कुछ ही घंटों में ये बिक जाते हैं।

इसके अलावा, एलजी ने सेक्टर G7/G8 में स्टेट यूनिवर्सिटीज के लिए अलॉट की गई जमीन का भी मुआयना किया, जहां एक बड़ा एजुकेशन हब बनना है। उन्होंने सेक्टर 8B (जोन P-II) की तैयारियों का भी जायजा लिया। यह लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत 70 फीसदी जमीन जुटाने वाला पहला सेक्टर बन गया है। मास्टर प्लान 2047 के तहत प्रस्तावित 138 हेक्टेयर का यह एजुकेशन हब उच्च शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार का एक बड़ा केंद्र बनेगा। एलजी ने कहा कि नरेला को एक बड़ा एजुकेशन हब बनाने के लिए काम में तेजी लानी होगी। उन्होंने कहा कि लैंड पूलिंग पॉलिसी से इलाके का विकास होगा, जो 'विकसित दिल्ली' और 'विकसित भारत' के सपने को पूरा करने में मदद करेगा।