दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 41 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल किया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम को अधिक पारदर्शी, आसान और प्रभावी बनाना है।

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए 41 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। निगम का कहना है कि यह बदलाव केवल टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों को अधिक पारदर्शी और सरल सेवाएं देने के उद्देश्य से किया गया है। निगम आयुक्त की मंजूरी के बाद जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। माना जा रहा है कि इससे प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

41 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

एमसीडी ने इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। पहले आदेश में 6 वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं दूसरे आदेश के तहत 6 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया गया है और 29 अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई तैनाती मिली है। इस तरह कुल 41 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। निगम का मानना है कि इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी बनेगा।

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प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को बनाया जाएगा आसान

एमसीडी के अनुसार, नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं को आम लोगों के लिए सरल और पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि राजस्व बढ़े और कर प्रणाली अधिक व्यवस्थित हो सके। निगम का दावा है कि इससे नागरिकों को टैक्स संबंधी सेवाओं में पहले की तुलना में कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

किस अधिकारी को कौन-सी जिम्मेदारी मिली?

नई तैनाती के तहत राकेश कुमार को निदेशक (कार्मिक), निदेशक (ओ एंड एम), प्रशिक्षण और डीसी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एच. कश्यप को श्रम, आयुष और संयुक्त एएंडसी मुख्यालय-1 की जिम्मेदारी मिली है। कुंदन कुमार को सिविल लाइंस जोन के साथ प्रॉपर्टी टैक्स का दायरा बढ़ाने का कार्य सौंपा गया है। साहिल ग्रोवर दक्षिण जोन के साथ करोल बाग जोन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मनस्वी चौधरी केंद्रीय क्षेत्र के साथ केशवपुरम जोन की जिम्मेदारी देखेंगी, जबकि के.के. बर्मन मुख्यालय-2, आपदा प्रबंधन, भाषा और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी करेंगे। निगम को उम्मीद है कि इन बदलावों से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और नागरिक सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा।

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