दिल्ली-एनसीआर में तेज परिवहन के लिए नमो भारत (RRTS) नेटवर्क का विकास हो रहा है। कुल 8 कॉरिडोर की योजना है, जिसका केंद्र सराय काले खां होगा। फिलहाल दिल्ली-मेरठ समेत 3 रूट पर काम जारी है, जो यात्रा का समय घटाएगा।

दिल्ली-एनसीआर में तेज, आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) पूरे क्षेत्र को हाई-स्पीड नमो भारत (RRTS) नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत भविष्य में कुल आठ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनका प्रमुख केंद्र दिल्ली का सराय काले खां स्टेशन होगा।

तीन प्रमुख रूटों पर निर्माण जारी

फिलहाल पहले चरण में तीन महत्वपूर्ण कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें सबसे आगे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट है, जिस पर कई हिस्सों में नमो भारत ट्रेन का संचालन भी शुरू हो चुका है। यह कॉरिडोर राजधानी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम करेगा। भविष्य में इसे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।

दूसरा अहम प्रोजेक्ट दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए अलवर तक का कॉरिडोर है। यह रूट हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों को राजधानी से सीधे जोड़ेगा। योजना में एयरपोर्ट एयरोसिटी के पास भूमिगत स्टेशन भी शामिल है, जिससे हवाई यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

तीसरा कॉरिडोर दिल्ली से सोनीपत और पानीपत तक प्रस्तावित है। इस मार्ग पर कश्मीरी गेट और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख स्टेशनों को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि मेट्रो, बस और रैपिड रेल के बीच आसानी से आवाजाही हो सके।

जेवर एयरपोर्ट तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

एनसीआरटीसी ग्रेटर नोएडा के रास्ते गाजियाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जोड़ने के लिए भी नया नमो भारत कॉरिडोर तैयार कर रही है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ की ओर से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट तक तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

भविष्य के लिए पांच नए रूट प्रस्तावित

आने वाले वर्षों में नमो भारत नेटवर्क को और बड़ा बनाने की तैयारी है। इसके तहत दिल्ली को फरीदाबाद-पलवल, शाहदरा-बड़ौत, बहादुरगढ़-रोहतक, गाजियाबाद-खुर्जा और गाजियाबाद-हापुड़ जैसे क्षेत्रों से जोड़ने वाले नए कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।

बदल जाएगी एनसीआर की परिवहन व्यवस्था

विशेषज्ञों का मानना है कि सभी प्रस्तावित कॉरिडोर पूरे होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में सड़क यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित तथा आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। सराय काले खां को इस पूरे नेटवर्क का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब बनाया जा रहा है, जहां से यात्री अलग-अलग दिशाओं में आसानी से सफर कर सकेंगे।