दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘एक शाम दिव्यांगजन के नाम’ कार्यक्रम हुआ। CM रेखा गुप्ता ने 62 प्रतिभाओं का सम्मान और 178 दिव्यांगजनों को सहायता दी।

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शुक्रवार को ‘एक शाम दिव्यांगजन के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने खेल, शिक्षा और कौशल समेत अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुल 62 व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों को सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, 178 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और जरूरी किट भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिव्यांगजन अपनी चुनौतियों से नहीं, बल्कि अपने संकल्प और उपलब्धियों से अपनी पहचान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए इसे नई दिशा दी है।

Scroll to load tweet…

CM Rekha Gupta: दिव्यांगजन की उपलब्धियां पूरे समाज का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल हो, शिक्षा हो या कौशल का क्षेत्र, दिव्यांगजनों की उपलब्धियां केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं। ये उपलब्धियां पूरे समाज के आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा दिल्ली बनाना है, जहां दिव्यांगजनों को आगे बढ़ने के लिए सम्मान के साथ अवसर मिलें। शिक्षा और कौशल के जरिए उनकी क्षमताओं को और मजबूत किया जाए तथा रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार हो।

रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली की हर सुविधा दिव्यांगजनों के लिए सुलभ हो, यह भी सरकार के सेवा संकल्प का हिस्सा है। ‘एक शाम दिव्यांगजन के नाम’ में 62 प्रतिभाओं और संस्थाओं का सम्मान कार्यक्रम में दिव्यांगजनों की विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को पहचान दी गई। खेल, शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली प्रतिभाओं और उनसे जुड़े संस्थानों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सम्मान प्रदान किए।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दिव्यांगजनों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना भी रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 178 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और आवश्यक किट वितरित की गईं। यानी आयोजन सिर्फ सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने पर भी जोर रहा।

दिव्यांग सशक्तिकरण में शिक्षा, रोजगार और सुगम सुविधाओं पर जोर

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सरकार की प्राथमिकता केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने तथा शहर की सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम करने की बात कही गई।

यह दृष्टिकोण केंद्र की दिव्यांगजन सशक्तिकरण नीतियों से भी जुड़ा है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत दिव्यांगजनों के अधिकारों और समान अवसरों को मजबूत कानूनी आधार दिया गया है। वहीं, सुगम्य भारत अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों, परिवहन और सूचना-संचार सुविधाओं को दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

कार्यक्रम में बांसुरी स्वराज समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

‘एक शाम दिव्यांगजन के नाम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के अलावा सांसद बांसुरी स्वराज, कैबिनेट सहयोगी रविंद्र इंद्राज और विधायक अनिल गोयल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मंच और अवसर मिलना जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि दिल्ली में दिव्यांगजन सम्मान के साथ आगे बढ़ें, अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें।