दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कूड़ा प्रबंधन और साफ-सफाई को लेकर एक खास बैठक की। इसमें कूड़े को अलग-अलग करने और नए नियमों पर चर्चा हुई। साथ ही, यमुना की सफाई के लिए भी बड़े अभियान का ऐलान किया गया है।
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शुक्रवार को एक खास बैठक बुलाई। इस बैठक का मेन एजेंडा ठोस कूड़ा प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) को सुधारना, घरों से ही कूड़े को अलग-अलग करने पर जोर देना और शहर को साफ रखने में जनता की भागीदारी बढ़ाना था। डिप्टी मेयर मोनिका पंत ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पार्षदों ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026, कूड़े को चार हिस्सों में बांटने, रीसाइक्लिंग, ज्यादा कूड़ा पैदा करने वालों (बल्क वेस्ट जनरेटर) के रजिस्ट्रेशन और सफाई कर्मचारियों की भलाई से जुड़े कई मुद्दे और सुझाव रखे।
बैठक के दौरान, MCD के चीफ इंजीनियर ने नए नियमों की खास बातें समझाईं। उन्होंने कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा करने, उसकी प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल पर जोर दिया। पार्षदों को कूड़े को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटने वाले सिस्टम के बारे में भी बताया गया। इस सिस्टम के तहत घरों, संस्थानों, बाजारों और दूसरी जगहों से निकलने वाले कूड़े को तय की गई कैटेगरी में अलग-अलग करना होगा। डिप्टी मेयर ने कहा कि कूड़े के बेहतर प्रबंधन के लिए नियमों को सही से लागू करना और जनता का साथ मिलना दोनों जरूरी हैं। उन्होंने पार्षदों से कहा कि वे अपने-अपने वार्ड में आरडब्ल्यूए (RWAs), मार्केट एसोसिएशन, संस्थानों और आम लोगों के साथ मिलकर काम करें। इससे लोगों में कूड़ा अलग करने और साफ-सफाई को लेकर जागरूकता फैलेगी।
पार्षदों ने अपने इलाकों में कूड़ा प्रबंधन से जुड़ी दिक्कतें भी उठाईं। उन्होंने कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुधारने, जागरूकता अभियान तेज करने और ज्यादा कूड़ा निकालने वालों पर सख्ती बरतने के सुझाव दिए। इसके अलावा, उन्होंने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई के लिए बेहतर कदम उठाने की भी मांग की। मोनिका पंत ने साफ कहा कि सफाई हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैठक में आए सुझावों पर गौर करें और उन पर एक्शन लें। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पूरी दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन सुधारने के लिए MCD और जनता के बीच लगातार तालमेल बना रहना चाहिए।
इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के 30 कॉलेजों के हजारों छात्र एक साथ आएंगे और यमुना की सफाई और उसे बचाने की शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह ऐलान सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 'मैं भी यमुना प्रहरी' ऐप लॉन्च करते हुए किया। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों से अपील की कि वे इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन करें और इस मुहिम से जुड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। उन्होंने इसमें जनता, खासकर युवाओं से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि वे इस संदेश को अपने परिवारों और समाज तक पहुंचाएं। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि यमुना की सफाई के लिए 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा गया है। इसके साथ ही, नदी में गंदा पानी (सीवेज) गिरने से रोकने के लिए भी काम चल रहा है। यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब गांधी जयंती के मौके पर साफ-सफाई और जनता की भागीदारी पर खास फोकस किया जा रहा है। (ANI)


