पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए है। आरोपों के मुताबिक आदिवासियों पर अत्याचार किया गया है। खासकर उन लोगों पर, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ वोट दिया था।

संदेशखाली। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में चल रही उथल-पुथल के बीच एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में महिलाओं ने उन ठिकानों के बारे में जानकारी दी है कि जिसमें तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर महिलाओं को उत्पीड़न और शोषण का शिकार बनाते थे। बीते 7 फरवरी के बाद से शाहजहां गिरफ्तारी की डर से भागा हुआ है। इसके बाद संदेशखाली के ग्रामीणों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से स्थानीय महिलाएं कर रही हैं। महिलाओं ने ही टीएमसी नेताओं पर व्यापक उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाया। है।

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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए है। आरोपों के मुताबिक आदिवासियों पर अत्याचार किया गया है। खासकर उन लोगों पर, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ वोट दिया था। वहीं इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) को रिपोर्ट मिली है, जिसमें प्रभावित व्यक्तियों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत जबरन मजदूरी वसूलने के मामलों का खुलासा हुआ है।

NCST के रिपोर्ट में शेख शाहजहां को लेकर चौंकाने वाले खुलासे

NCST में दर्ज शिकायतों में शाहजहां द्वारा शोषण के एक पैटर्न की जानकारी दी गई है, जिसमें भूमि रियायतों की उनकी मांगों और उसका विरोध करने वालों को धमकियां देने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक शेख शाहजहां के लोगों ने वैसे लोगों के खेत में खारा पानी भी छोड़ा है, जिन्होंने उनके खिलाफ आवाज उठाने का काम किया था। आरोप ये भी है कि एक हजार से अधिक आदिवासी और गैर-आदिवासी व्यक्तियों से 10 किलोमीटर से अधिक के जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। 

उत्तर 24 परगना के एक द्वीप पर स्थित संदेशखाली में 8 फरवरी से बवाल जारी है। मुख्य रूप से वहां की महिला निवासी सड़कों पर उतर आई और शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। उनका आरोप है कि शेख शाहजहां ने उनकी जमीनों पर अतिक्रमण किया और उन्हें मछली पालन के लिए इस्तेमाल करने लगा।

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