दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 2 दिन में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने अपने संबोधन में तिहाड़ जेल में बिताए समय और राज्यपाल को लिखे पत्र का जिक्र किया।

अरविंद केजरीवाल: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार (15 सितंबर) को आम आदमी पार्टी के ऑफिस में जाते के साथ अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कई सारी बातें कही। जिनमें 2 दिन के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की बात काफी चौंकाने वाली थी। हालांकि, इसके बावजूद और भी ऐसी बातें थी। जो काफी हैरान कर देने वाली थी।

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अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने तिहाड़ जेल में रहते हुए दिल्ली के राज्यपाल को 15 अगस्त के मौके पर एक खत लिखा था। लेटर में लिखा कि मेरे जेल में रहते हुए मेरी जगह आतिशी को झंडा फहराने का मौका दिया गया। जबकि इस मौके पर सीएम झंडोत्तोलन करते हैं। लेकिन चिट्ठी मुझे वापस दे दी गई और वार्निंग दी गई की अगर अगली बार लेटर लिखा तो मुझे परिवार से भी मिलने का मौका नहीं दिया जाएगा।

सीएम केजरीवाल के संबोधन की बड़ी बातें

  • सीएम केजरीवाल ने कहा कि अब जनता मेरा फैसला करेगी। इसके लिए हर गली-मोहल्ले में जाऊंगा। तब तक मुख्यमंत्री के कुर्सी पर नहीं बैठूंगा।
  • मैंने सीएम के पद में रहते हुए इज्जत और ईमानदारी के अलावा कुछ नहीं कमाया है। पार्टी के बैंक अकाउंट खाली है।
  • केजरीवाल ने मांग की कि फरवरी के जगह नवंबर में महाराष्ट्र के साथ चुनाव कराए जाएं। इस दौरान पार्टी का कोई दूसरा व्यक्ति सीएम रहेगा। इसके लिए अगले 2-3 दिन में बैठक होगी, जिसमें फैसला लिया जाएगा।
  • एक छोटी से पार्टी ने देश की राजनीति बदल कर रख दी है। हम यूं ही देश के लिए लड़ते रहेंगे। बस आपका (जनता) साथ चाहिए।
  • आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा कि विपक्ष का लक्ष्य था हमारी पार्टी और मेरी हिम्मत को तोड़ना। लेकिन हम नहीं टूटें। मैंने जेल में रहते इस्तीफा भी नहीं दिया।

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