गुजरात के सीएनजी पंप संचालकों ने तीन मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। उनके डीलर मार्जिन में कई वर्षों से बढोत्तरी नहीं हुई है। इसी वजह से संचालकों ने सुबह सात बजे से अपने पंपों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया था।

गांधीनगर। गुजरात के सीएनजी पंप संचालकों ने तीन मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। उनके डीलर मार्जिन में कई वर्षों से बढोत्तरी नहीं हुई है। इसी वजह से संचालकों ने सुबह सात बजे से अपने पंपों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया था। अब यह हड़ताल स्थगित कर दी गई है। गांधीनगर में गुरुवार को फेडरेशन ऑफ गुजरात पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (FGDPA) के मेम्बर्स, ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि और सरकारी अफसरों के बीच बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। 

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FGDPA के अध्यक्ष अरविन्द ठक्कर ने एशियानेट से बातचीत में बताया कि मीटिंग करीब दो घंटे चली। बैठक में संतुष्टिपूर्ण आश्वासन मिला। उसके बाद हम लोगों ने हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया। राज्य में सीएनजी के 900 स्टेशन हैं। बैठक में इस महीने के अंत तक उनकी मांगे पूरी करने का आश्‍वासन दिया गया। 

क्या है डिमांड

गुजरात में प्रति किलोग्राम सीएनजी की बिक्री पर पंप संचालकों को 1.7 रुपये मार्जिन दी जाती है। पंप संचालक इसी ​डीलर मार्जिन में बढोत्तरी की मांग कर रहे थे। जानकारी के अनुसार कमीशन में सालाना 10 फीसदी बढोत्तरी की डिमांड की जा रही है।

मीटिंग में मिला ये आश्वासन

दरअसल, सीएनजी पंप संचालकों के डीलर मार्जिन में 55 महीने से कोई बढोत्तरी नहीं की गई है। उनका कहना है कि इस वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही वह प्रमुख कारण भी है, जिसकी वजह से तीन मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया था। एसोसिएशन के सदस्यों और अफसरों के बीच हुई मीटिंग में इसी विषय पर बात हुई। सरकार और आयल कम्पनियों ने डीलर मार्जिन देने का वादा किया है। इसकी समय सीमा भी मार्च महीन के आखिरी सप्‍ताह तक तय की गई है। मीटिंग में उनकी मांगों को लेकर रास्ता निकला, तो एसोसिएशन ने हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया। 

FGDPA के अध्यक्ष अरविन्द ठक्कर का कहना है कि डीलर मार्जिन में पिछले चार साल से बढोत्तरी नहीं हुई है। इस दौरान कोरोना महामारी का कठिन समय भी बीता। फिर भी डीलर मार्जिन में बढोत्तरी नहीं हुई। अब हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।