केरल के एर्नाकुलम के अलुवा में 5 साल की बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के मामले में उसके अंतिम संस्कार को लेकर शर्मनाक घटनाक्रम सामने आया है। लड़की हिंदू थी, लिहाजा कई प्रीस्ट्स(ईसाई पुजारी) ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।  

कोच्चि. केरल के एर्नाकुलम के अलुवा में 5 साल की बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के मामले में उसके अंतिम संस्कार को लेकर शर्मनाक घटनाक्रम सामने आया है। लड़की हिंदू थी, लिहाजा कई प्रीस्ट्स(ईसाई पुजारी) ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। एक जिस पुजारी ने बाद में उसका अंतिम संस्कार किया, उसने ये खुलासा किया। रविवार(30 जुलाई) को कीज़माडु श्मशान में जिम्मेदारी संभालने वाले रेवंत ने कहा कि कई लोग अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि बच्ची मलयाली नहीं था।

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केरल में 5 साल की बच्ची के किडनैप, रेप और हत्या: अंतिम संस्कार लेकर विवाद

रेवंत ने रोते हुए कहा, “मैं पुजारी की तलाश में अलुवा, माला, कुरुमासेरी में घूमता रहा। कोई नहीं आया। वे इंसान नहीं हैं।” 

रेवंत ने आगे कहा-"क्या हुआ अगर वह हिंदी भाषियों (उत्तर भारतीयों के लिए बोलचाल में उपयोग) की बेटी थी, क्या वह भी एक बच्ची नहीं है? फिर मैंने फैसला किया, मैं पूजा करूंगा क्योंकि क्या वह हमारी भी बच्ची नहीं है? पहले केवल एक बार मैंने दाह संस्कार के दौरान कोई पूजा की थी। लेकिन जब मैंने लोगों को ऐसा कहते सुना तो मुझे बहुत दु:ख हुआ।''

अंतिम संस्कार में कांग्रेस विधायक नवर सदाथ भी शामिल हुए। विपक्ष ने सरकार की ओर से कोइ भी प्रतिनिधि नहीं भेजने पर राज्य सरकार की आचोलना की है।

केरल में हिंदू बच्ची के किडनैप, रेप और मर्डर क्या है?

पुलिस के अनुसार, बच्ची का शव 29 जुलाई 2023 को कूड़े के ढेर से एक बोरे के अंदर मिला था। इस मामले में पुलिस ने मूल रूप से बिहार के रहने वाले अशफाक आलम नाम के मजदूर को पकड़ा है।

पुलिस की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि अशफाक आलम ने बच्ची को शाकिर हुसैन नाम के व्यक्ति के साथ मिल कर किसी को बेचा था। उसके कबूलनामे के बाद पुलिस 2 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है।। इस घटना ने केरल में बवाल मचा दिया है।

लड़की अपने माता-पिता और 2 अन्य भाई-बहनों के साथ लगभग 4 वर्षों से अलुवा में रहती थी। पहली कक्षा में पढ़ने वाली लड़की मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण की रहने वाली थी।

घटनावाले दिन यानी 28 जुलाई को लड़की के माता-पिता काम करने गए थे। महज 2 दिन पहले बिहार से वहां शिफ्ट हुए अशफाक आलम ने उसे अकेलार देखकर अपहरण कर लिया था।

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