भोपाल में 24 अक्टूबर को CM मोहन यादव अभ्युदय-2026 HR-CSR सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। कौशल, रोजगार, सुशासन और पर्यावरण संरक्षण पर मंथन होगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 अक्टूबर को चतुर्थ राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन 'अभ्युदय-2026' का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन में देशभर से कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व, सुशासन और भारतीय सभ्यतागत ज्ञान को एक साथ जोड़कर समग्र कल्याण की दिशा में काम करना है। इसके जरिए उद्योग, सरकार, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
अभ्युदय-2026 सम्मेलन का विषय क्या है?
चतुर्थ राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन का विषय 'अभ्युदय: समग्र कल्याण के लिए पर्यावरण-सामाजिक उत्तरदायित्व-सुशासन और सभ्यतागत ज्ञान का समन्वय' रखा गया है। इस विषय के माध्यम से पर्यावरण, समाज और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर साझा प्रयासों की जरूरत को सामने लाया जाएगा।
सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), मानव संसाधन (HR) और भारतीय सभ्यतागत ज्ञान का उपयोग समाज के व्यापक कल्याण के लिए किस तरह किया जा सकता है। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास से जुड़ी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
CM मोहन यादव करेंगे प्रतिभागियों से संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वह कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों से संवाद भी करेंगे। सम्मेलन में उनकी मौजूदगी के दौरान सामाजिक उत्तरदायित्व, उद्योगों की भूमिका और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे। इनमें इंडोनेशिया से पद्मश्री डॉ. अगुस इंद्र उदयाना, एस-व्यासा के कुलाधिपति पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के प्रतिनिधि श्रीराम तिवारी और सम्मेलन के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर प्रमुख हैं।
मध्यप्रदेश में कौशल और रोजगार के नए अवसरों पर जोर
अभ्युदय-2026 सम्मेलन मध्यप्रदेश के लिए उपयोगी साझेदारियों के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसके जरिए उद्योग जगत, सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास होगा। इन संस्थाओं के बीच सहयोग से कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में नए व्यावहारिक मॉडल तैयार किए जा सकेंगे। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी साझा पहल को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इस तरह सम्मेलन का फोकस केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभव और संसाधनों को मिलाकर ऐसे मॉडल विकसित करने पर भी होगा, जिनका लाभ समाज को मिल सके।
संस्कृति विभाग और यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन कर रहे आयोजन
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास और यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। आयोजन में डॉ. विक्रांत सिंह तोमर के सहयोग से जुड़े यूनाइटेड काउंसिल फॉर एंशिएंट विजडम-यूनाइटेड कॉन्शसनेस की भी भूमिका है।
सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कॉर्पोरेट प्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। अलग-अलग क्षेत्रों के इन प्रतिनिधियों की सहभागिता से सामाजिक उत्तरदायित्व, सुशासन और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा करने का अवसर मिलेगा।
भोपाल में होने वाला यह आयोजन उद्योग, सरकार और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। इसके माध्यम से कौशल, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।


