मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026 में स्पिंट्रॉनिक्स एआई ने ₹2,300 करोड़ तक के निवेश की योजना बताई। इंदौर-उज्जैन में चिप डिजाइन, रिसर्च और करीब 1,500 रोजगार के अवसरों से जुड़ी पूरी जानकारी जानें।

मध्यप्रदेश में अब सेमीकंडक्टर सेक्टर के जरिए रोजगार और हाईटेक इंडस्ट्री को नई रफ्तार देने की तैयारी है। इंदौर में आयोजित मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के पहले दिन स्पिंट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स ने राज्य में बड़ा निवेश करने की योजना सामने रखी। कंपनी की प्रस्तावित योजना के तहत ₹2,300 करोड़ तक का निवेश और करीब 1,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ कंपनी के प्रतिनिधियों की चर्चा के बाद प्रदेश में सेमीकंडक्टर डिजाइन और रिसर्च के क्षेत्र में नई संभावनाओं को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

₹2,300 करोड़ तक का निवेश, इंदौर-उज्जैन पर नजर

कंपनी के संस्थापक एवं CEO रघु वर्मा और प्रबंध निदेशक श्रीजीत परुचुरी ने मुख्यमंत्री के साथ वन-टू-वन चर्चा में निवेश की योजना साझा की। प्रस्तावित योजना के पहले चरण में ₹450 से ₹550 करोड़ का निवेश किया जा सकता है, जबकि आगे के चरणों में ₹1,800 से ₹2,300 करोड़ तक निवेश की योजना बताई गई है। कंपनी इंदौर में सेमीकंडक्टर डिजाइन और अनुसंधान-विकास केंद्र स्थापित करना चाहती है। उज्जैन में भी डिजाइन और गैलियम नाइट्राइड (GaN) से जुड़ी गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इंदौर के परदेशीपुरा स्थित IT पार्क-4 में करीब 6,636 वर्ग फीट जगह के लिए आशय पत्र (LOI) देने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।

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1,500 नौकरियों की उम्मीद, युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

इस परियोजना से करीब 1,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। सेमीकंडक्टर डिजाइन, तकनीकी अनुसंधान और पायलट विनिर्माण से जुड़ी गतिविधियां प्रदेश में हाईटेक उद्योग के विस्तार में मदद कर सकती हैं। कंपनी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर VLSI पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाएं और इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने में भी रुचि रखती है। इससे विद्यार्थियों को चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने की संभावना है।

जनवरी 2027 की समिट का न्योता, सरकार देगी सहयोग

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कंपनी को राज्य में निवेश के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया और जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया। कंपनी ने भूमि, सरकारी प्रोत्साहन, तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, EDA टूल्स, कुशल कर्मचारियों और त्वरित मंजूरी जैसी जरूरतें भी सामने रखीं। हालांकि, निवेश और रोजगार से जुड़े ये आंकड़े फिलहाल प्रस्तावित योजना पर आधारित हैं। परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन और नौकरियों की संख्या की पुष्टि आगे के चरणों में होगी।

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