अम्बेडकर जयंती 2026 पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके संविधान निर्माण और समानता के योगदान को याद करते हुए सरकार की योजनाओं और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर जोर दिया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर उनकी 136वीं जयंती के अवसर पर प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
डॉ. अम्बेडकर का योगदान: आधुनिक भारत के निर्माता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर का आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय है। उन्होंने भारतीय संविधान की रचना कर देश में समानता और न्याय की नींव रखी और सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
संविधान की प्रस्तावना का वाचन और नारे
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और "डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे" के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जीवनभर वंचित, पीड़ित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
सरकार का संकल्प: समरसता और समानता पर कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को ध्यान में रखकर समरसता और समानता के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मंत्र को दोहराया और कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट प्रयास जरूरी हैं।
बाबा साहेब के नाम पर विकास कार्य और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हमेशा बाबा साहेब का सम्मान किया है। भोपाल में एक उड़ान पुल को उनका नाम दिया गया है। उनकी जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनाया गया है। इसके अलावा कामधेनु योजना, सागर अभ्यारण्य और आर्थिक कल्याण योजना भी उनके नाम से शुरू की गई हैं। ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाया जा रहा है।
पंचतीर्थ का विकास: अम्बेडकर की स्मृतियों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों—जन्मभूमि (महू), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) और चैत्य भूमि (मुंबई)—को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। ये स्थल उनके संघर्ष और आदर्शों का प्रतीक हैं।
महिला सशक्तिकरण में अम्बेडकर की भूमिका और वर्तमान प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने महिला शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए विशेष प्रयास किए। आज देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर चर्चा हो रही है, जिसके तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। यह कदम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा।


