MP के बालाघाट में उस वक्त दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब एक परिवार के तीन सदस्य मंदिर दर्शन को निकले और हाईटेंशन तार की चपेट में आकर जिंदा जल गए। हादसे ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया और प्रशासन की लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए।

Balaghat accident: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक हृदय विदारक हादसे की खबर सामने आई है। एक ही परिवार के तीन लोग उस वक्त जिंदा जल गए, जब उनकी बाइक हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आ गई। यह हादसा इतना भीषण था कि बाइक और तीनों लोगों के शव मौके पर ही जलकर खाक हो गए।

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हादसा मंदिर जाते समय हुआ, हाईटेंशन तार की चपेट में आई बाइक

यह दर्दनाक हादसा लांजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। सेवराम पांचे (30), उनकी पत्नी रेणुका पांचे (28) और भाई भोजराज पांचे (28) बाइक पर सवार होकर देवलगांव के दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। तभी रास्ते में अचानक हाईटेंशन लाइन के ऊपर से एक पेड़ की डाल टूटकर तार पर गिर गई, जिससे बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर पड़ा।

तार में उलझ गई बाइक, आग लगी और सब कुछ खत्म हो गया

तार टूटकर गिरने के बाद वहां से गुजर रही बाइक उसमें उलझ गई। उस समय बिजली लाइन चालू थी, जिससे बाइक में तुरंत आग लग गई। बाइक पर सवार तीनों लोग आग की चपेट में आ गए और उन्हें बचने तक का मौका नहीं मिल सका। कुछ ही सेकंड में बाइक समेत तीनों लोग जिंदा जलकर मौत के शिकार हो गए।

शवों की हालत देख कांप उठे लोग, इलाके में मातम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब उन्होंने बाइक जलती देखी तो दौड़कर मदद करने पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों शव पूरी तरह जल चुके थे और घटनास्थल का दृश्य देखकर लोग स्तब्ध रह गए। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ इस तरह की मौत से गांव और इलाके में मातम छा गया।

SDM बोले - पेड़ गिरने से टूटा तार, हादसा हुआ

घटना की पुष्टि करते हुए SDM कमल चंद्र सिंहसार ने बताया कि, "हाईटेंशन लाइन के ऊपर से गुजर रही पेड़ की एक मोटी डाली अचानक टूटकर तार पर गिरी, जिससे तार टूट गया और सड़क पर गिरते ही यह हादसा हो गया। बाइक उसी जगह से निकल रही थी और वह तार में उलझ गई।"

स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

घटना के बाद लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूखे पेड़ों और ढीले तारों की जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। अगर समय रहते इन खतरों को दूर किया जाता तो शायद तीनों की जान बचाई जा सकती थी।