मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर से सामाजिक सौहार्द की सुखद खबर सामने आई है। इलाके की मुस्लिम पार्षद ने ऐसा काम किया है कि लोग उनके काम की तारीफ कर रहे है। साथ ही उन्होंने चुनाव जीतने से पहले जो वादा किया था वह जीत के बाद पूरा किया।

छिंदवाड़ा (chhindwara news). मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर से एक सुखद और कौमी एकता की मिशाल पेश करने वाली खबर सामने आई। यहां की समुदाय विशेष की महिला पार्षद ने ऐसी मिशाल पेश की जो कि पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल एक मुस्लिम महिला पार्षद द्वारा एक मंदिर का रेनोवेशन करवाना है। यह भले ही बड़ी बात ना लगे क्योंकि आप पार्षद का एक काम कह सकते है। लेकिन इसमें बड़ी बात यह है कि पार्षद द्वारा ना सिर्फ जीर्णोद्धार कराया है बल्कि अपने पति के साथ बैठकर विधिवत तरीके से प्राण प्रतिष्ठा भी की। सामाजिक सौहार्द का पूरा मामला शहर के चौराई नगर के वार्ड नंबर 12 का है।

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चुनाव से पहले किया था जीर्णोद्धार का वादा

चौराई नगर के वार्ड 12 के ड्रीमलैंड सिटी में एक पुराना शिव मंदिर था जो की जर्जर हालत में था। इसके निर्माण का काम अधूरा पड़ा था। इसी दौरान चुनाव होने के चलते इलाके की पार्षद फरजाना शहीद मंसूरी ने लोगों से वादा किया था कि इलेक्शन में जीत मिलने के बाद वे इस मंदिर को रेनोवेट कराएंगी। इसके बाद उनकी पार्षद के चुनाव में जीत हुई। जीतने के बाद उन्होंने तुरंत मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरू करा दिया। जब मंदिर का निर्माण हो रहा था तब भी उन्होंने हो रहे काम काज का खुद से निरीक्षण भी किया।

पति ने संभाली जिम्मेदारी, भगवान शिव के साथ विराजे गजानन भी

पत्नी की बात पूरी करते हुए इस मंदिर के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी पार्षद फरजाना के पति और कांग्रेस नेता शहीद मंसूरी ने संभाली। मंदिर का जीर्णोद्धार का काम पूरा होने के बाद इसमें विधि विधान से भगवान की मूर्ति स्थापित कराई गई। इनको स्थापित करने से पहले प्राण प्रतिष्ठा भी कराई गई। मंदिर में भगवान शिव के साथ ही साथ भगवान गणेश, रिद्धि सिद्धि की भी प्राण प्रतिष्ठा हुई।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में खुद रही शामिल

मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना का कार्यक्रम तीन दिनों तक चला। इस पूरे कार्यक्रम में ना सिर्फ मुस्लिम पार्षद शामिल हुई, बल्कि भगवान के लिए किए गए सभी अनुष्ठानों में यजमान बनकर अपने पति के साथ बैठकर पूरी पूजा विधि संपन्न की। पार्षद के द्वारा किए गए इस कौमी एकता की पहल की पूरे जिले में चर्चा हो रही है। प्राण प्रतिष्ठा के समय भी लोगों ने उनका साथ दिया।

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