CM Mohan Yadav Mandla News: मंडला के 66 हजार लोगों को स्वामित्व योजना के तहत फ्री रजिस्ट्री का लाभ मिलेगा। सीएम ने किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। जानें मुख्यमंत्री की बड़ी बातें।
भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मंडला जिले के किसानों से वर्चुअल बातचीत की। इस दौरान उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियां सुनीं और खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन, मुर्गी पालन और औषधीय खेती जैसे कामों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने मंडला जिले के विकास से जुड़ी कई अहम बातें भी साझा कीं। इनमें किसानों को आर्थिक मदद, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, 66 हजार लोगों को स्वामित्व योजना के तहत निःशुल्क रजिस्ट्री और मेडिकल कॉलेज का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और लगन से ही मध्य प्रदेश खेती के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को किया याद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया और सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंडला जिले की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला भगवान परशुराम और दूसरे ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है। यह राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथ शाह और वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और पराक्रम की धरती भी है। मां नर्मदा का आशीर्वाद इस जिले को मिला है। यहां की प्राकृतिक संपदा और उपजाऊ जमीन खेती के लिए काफी अच्छी है। मंडला में धान, अरहर, उड़द, सोयाबीन, मक्का और कोदो-कुटकी जैसी फसलों का अच्छा उत्पादन होता है।
कोदो-कुटकी उगाने वाले किसानों को मिल रहा बोनस
सीएम ने कहा कि सरकार पारंपरिक श्रीअन्न यानी मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसमें कोदो-कुटकी का उत्पादन और सरकारी खरीदी भी शामिल है। वीरांगना रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना के तहत मंडला जिले के 424 किसानों को करीब 51 लाख रुपये की राशि दी गई है। वहीं, कोदो-कुटकी उत्पादन पर जिले के 17 लाख किसानों को बोनस का लाभ मिलने की जानकारी दी गई। सरकार का प्रयास है कि किसानों की उपज को अच्छा बाजार मिले और उन्हें अपनी मेहनत का सही दाम मिल सके।
मंडला में 85 से 90 हजार हेक्टेयर तक पहुंचा सिंचित रकबा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंडला जिले में सिंचाई की सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं। अब यहां सिंचित जमीन का रकबा बढ़कर करीब 85 से 90 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। छोटी सिंचाई योजनाओं के जरिए भी किसानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। सरकार खेती के साथ दूध उत्पादन को भी बढ़ावा देना चाहती है, ताकि किसानों के पास कमाई के एक से ज्यादा रास्ते हों।
मछली पालन से लेकर मशरूम की खेती तक पर सरकार का जोर
मंडला जिले में खेती के अलावा दूसरे कामों से भी कमाई बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर मत्स्य पालन, पशुपालन और औषधीय खेती का जिक्र किया। जिले के 65 जलाशयों में मछली पालन का काम हो रहा है। यहां 105 मत्स्य समितियों के जरिए करीब 4 हजार किसानों को फायदा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ मशरूम, मखाना और दूसरी औषधीय फसलों का उत्पादन भी शुरू कर सकते हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि दिए जाने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में लाड़ली बहना योजना सहित दूसरी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी परिवारों तक पहुंच रहा है।
66 हजार लोगों को मिलेगी स्वामित्व योजना के तहत फ्री रजिस्ट्री
मंडला जिले के लोगों के लिए मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना से जुड़ी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 66 हजार लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मंडला कलेक्टर को निर्देश दिए कि योजना को सही तरीके से लागू किया जाए और सभी पात्र लोगों तक इसका फायदा पहुंचे। इसका मकसद योजना के योग्य लोगों को बिना रजिस्ट्री शुल्क के यह सुविधा उपलब्ध कराना है।
मंडला का मेडिकल कॉलेज भी जल्द होगा पूरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से मंडला और आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे जिले में इलाज की सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
किसानों ने मुख्यमंत्री को बताई अपनी कमाई बढ़ाने की कहानी
कार्यक्रम का खास हिस्सा मंडला के उन किसानों से बातचीत रहा, जिन्होंने खेती के साथ दूसरे काम शुरू करके अपनी आमदनी बढ़ाई है। किसानों ने बताया कि सरकारी योजनाओं, विभागीय ट्रेनिंग और आर्थिक मदद से उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने में सहायता मिली।
राजकुमारी पन्द्रे: 3 एकड़ जमीन पर खेती, पशुपालन और मुर्गी पालन
ग्राम मुड़ाडीह की रहने वाली राजकुमारी पन्द्रे ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह प्राकृतिक और जैविक खेती के साथ पशुपालन और मुर्गी पालन भी करती हैं। उनके पास 3 एकड़ जमीन और 5 गाय हैं। उन्होंने करीब 650 रुपये में 40 कड़कनाथ चूजे खरीदकर मुर्गी पालन शुरू किया था। साढ़े तीन महीने में उन्हें इससे लगभग 7 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। इसके अलावा वह जैविक सब्जियां भी उगाती हैं। कृषि सखी के तौर पर वह 125 किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही हैं।
अमृतलाल: 3 गाय से बढ़कर अब 13 गायों का पालन
बम्हनी बंजर के रहने वाले अमृतलाल ने पशुपालन और बकरी पालन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनके पास सिर्फ 3 गाय थीं। पशुपालन विभाग से 52 हजार रुपये की मदद मिलने के बाद उन्होंने अपना कारोबार बढ़ाया। अब उनके पास 13 गाय हैं। इनमें साहिबान, गिर, अरमाडा और दूसरी नस्लों की गाय शामिल हैं। अमृतलाल के घर पर गोबर गैस प्लांट भी लगा है। परिवार के 11 सदस्य खाना बनाने के लिए इसी गैस का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही गौमूत्र का उपयोग और उत्पादन भी किया जा रहा है।
सुनील झारिया: 3 एकड़ में प्राकृतिक खेती और सब्जी उत्पादन
ग्राम चाबी के किसान सुनील झारिया ने बताया कि वह अपनी 3 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ प्राकृतिक तरीके से खेती करने के अपने अनुभव भी साझा किए।
शैल कुमार: मल्टीलेयर फार्मिंग से उगा रहे कई तरह की सब्जियां
मोहगांव के किसान शैल कुमार ने बताया कि वह मल्टीलेयर फार्मिंग के जरिए अलग-अलग तरह की सब्जियां उगा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उन्होंने खेती करने का तरीका बदला और नई तकनीक से उत्पादन शुरू किया।
गीता टेकाम: खेती के साथ मछली पालन और पराली प्रबंधन पर काम
बीजाडांडी की किसान गीता टेकाम ने प्राकृतिक खेती, मछली पालन और पशुपालन से जुड़े अपने काम की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि वह दूसरे किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रही हैं। इससे खेतों में पराली जलाने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
किसानों को खेती के साथ दूसरे काम अपनाने की सलाह
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि मंडला जिले में खेती और उससे जुड़े दूसरे कामों को आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ मशरूम उत्पादन, मछली पालन, पशुपालन और दूसरी कमाई वाले काम शुरू करने की अपील की। उनके मुताबिक, इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि आज खेती में नए तरीके, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का फायदा किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। मंडला के किसान पारंपरिक खेती के साथ नए काम अपनाकर अच्छे नतीजे दे रहे हैं। वहीं, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने किसानों को सहकारी बैंक और बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक खेती और उससे जुड़े दूसरे कामों के लिए किसानों को आर्थिक मदद देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने किसानों से बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का फायदा उठाकर खेती को ज्यादा लाभकारी बनाने की अपील की।






