CM मोहन यादव ने छिंदवाड़ा ITI में छात्राओं से संवाद किया। तकनीकी कौशल, खेती, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पर जोर दिया।
भोपाल/छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु छात्राओं से कहा कि वे अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें और तकनीकी दक्षता हासिल करने के साथ अपनी जड़ों और खेती-किसानी से भी जुड़ी रहें।
मुख्यमंत्री 7 अगस्त को छिंदवाड़ा स्थित शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के भ्रमण पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं और सरकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली।
Chhindwara ITI Visit: CM मोहन यादव ने छात्राओं से किया सीधा संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संस्थान की अलग-अलग प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से उनके प्रशिक्षण और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर बातचीत की। मैकेनिकल लैब में मुख्यमंत्री ने CRDI फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लेथ मशीन पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं के काम को भी देखा और उनकी मेहनत की सराहना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से यह जानने की कोशिश की कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं और सरकार की योजनाओं से उन्हें किस तरह मदद मिल रही है।
Technical Education: सुषमा उइके बोलीं- तकनीकी प्रशिक्षण लेकर बनाना चाहती हूं भविष्य
फिटर ट्रेड की प्रशिक्षु सुषमा उइके ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके माता-पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं। वह तकनीकी प्रशिक्षण हासिल कर इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे इसी आत्मविश्वास को बनाए रखें। उन्होंने छात्रा को तकनीकी कौशल के साथ खेती से जुड़े रहने की सलाह भी दी।
मुख्यमंत्री का कहना था कि युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान, दोनों महत्वपूर्ण हैं। कौशल विकास के साथ अपनी स्थानीय परिस्थितियों और पारिवारिक अनुभवों से जुड़े रहना आगे चलकर नए अवसर पैदा कर सकता है।
Skill Development MP: राधा उड़के का अपना टेक्निशियन वर्कशॉप खोलने का सपना
संवाद के दौरान प्रशिक्षु राधा उड़के ने मुख्यमंत्री को अपने भविष्य की योजना बताई। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी तकनीकों का इस्तेमाल वह खेती-किसानी में भी करना चाहती हैं। राधा ने बताया कि भविष्य में वह अपनी टेक्निशियन मशीन और हार्डवेयर वर्कशॉप स्थापित करने का लक्ष्य रखती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके आत्मविश्वास और संकल्प की सराहना की। उन्होंने राधा को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण का सही इस्तेमाल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana: छात्राओं ने बताई सरकारी योजनाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षुओं से शासन की विभिन्न योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान प्रशिक्षु मीना करवेती ने आत्मविश्वास के साथ ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’ और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के बारे में बताया। मीना ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बाइंडिंग, पंखा मरम्मत, वायरिंग और मशीन के अलग-अलग पार्ट्स को जोड़ने जैसे तकनीकी कार्य सीखे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन कामों को करते समय सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाता है।
छात्राओं की जानकारी और आत्मविश्वास से मुख्यमंत्री प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं की जिम्मेदारी केवल अपने जीवन को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है। अपने कौशल और ज्ञान के जरिए समाज और दूसरे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
Waste to Art: ITI छात्राओं की क्रिएटिविटी देख CM मोहन यादव हुए प्रभावित
संस्थान के फिटर ट्रेड के प्रशिक्षुओं ने तकनीकी कौशल के साथ रचनात्मकता का भी प्रदर्शन किया। छात्राओं ने ‘वेस्ट टू आर्ट’ की अवधारणा के तहत बेकार सामग्री से आकर्षक गिटार और तोप तैयार की थी। प्रशिक्षुओं ने ये कलाकृतियां मुख्यमंत्री को भेंट कीं। डॉ. मोहन यादव ने उनके इस प्रयास की सराहना की।
उन्होंने कहा कि बेकार सामग्री को उपयोगी और आकर्षक वस्तुओं में बदलना नवाचार और तकनीकी कौशल के बेहतर तालमेल का उदाहरण है। ऐसे प्रयोग युवाओं की प्रतिभा और सृजनशीलता को सामने लाते हैं। मुख्यमंत्री को संस्थान की प्रवेश विवरणिका भी भेंट की गई। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु छात्राओं के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।
Environment Protection: CM ने लगाया शहतूत का पौधा
छिंदवाड़ा ITI के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संस्थान परिसर में मलबरी यानी शहतूत का पौधा भी लगाया। पौधारोपण के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के ITI दौरे में एक तरफ तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ छात्राओं के नवाचार, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को भी प्रोत्साहित किया गया।


