मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 अगस्त से जन-विश्वास अभियान शुरू किया है। अब हर शुक्रवार अधिकारी फील्ड में जाकर जनता से संवाद करेंगे और शिकायतों का मौके पर समाधान करेंगे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ से अधिक जनता के साथ सरकार का सीधा संवाद मजबूत करने के उद्देश्य से जन-विश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त 2026 से की है। इस अभियान के लिए शासन और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस पहल का मकसद अधिकारियों को दफ्तरों तक सीमित रखने के बजाय सीधे गांव, कस्बों और शहरों में जनता के बीच पहुंचाना है। अभियान के जरिए लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान, जमीनी हालात का वास्तविक फीडबैक और प्रशासन को अधिक जवाबदेह तथा संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर रहेगा।
हर शुक्रवार दफ्तर नहीं, फील्ड में रहेंगे अधिकारी
जन-विश्वास अभियान के तहत अब प्रत्येक शुक्रवार प्रदेशभर में अधिकारियों का दिन केवल फील्ड भ्रमण के लिए निर्धारित रहेगा। अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर बैठकें आयोजित नहीं की जाएंगी। मंत्रालय से लेकर संभाग और जिलों तक के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्रीय दौरे करेंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। जिला कलेक्टर एक सप्ताह पहले भ्रमण क्षेत्र तय करेंगे, जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देंगे और मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक कार्यक्रम की सूचना भी पहुंचाई जाएगी।
फील्ड विजिट से पहले ही होगी लंबित शिकायतों की समीक्षा
भ्रमण से पहले संबंधित क्षेत्र की सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य रहेगा कि अधिकतम मामलों का समाधान पहले ही कर दिया जाए। जो शिकायतें शेष रह जाएंगी या भ्रमण के दौरान नए आवेदन प्राप्त होंगे, उनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
जन-संवाद के साथ होगा उद्योग संवाद भी
अभियान के दौरान जिला कलेक्टर और संबंधित अधिकारी दो प्रकार के संवाद आयोजित करेंगे।
- आम नागरिकों के साथ जन-संवाद
- MSME और कुटीर उद्योगों के उद्यमियों के साथ उद्योग संवाद
उद्यमियों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री के भ्रमण वाले जिले में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें लंबित और नए आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
सादगी और मितव्ययिता के साथ चलेगा पूरा अभियान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभियान पूरी तरह सादगी और मितव्ययिता के साथ संचालित किया जाएगा। गैर-जरूरी खर्च, मंच सजावट और अन्य अनावश्यक व्यवस्थाओं से बचा जाएगा। सरकारी वाहनों की पूलिंग होगी और संवाद कार्यक्रम शासकीय या सार्वजनिक भवनों में ही आयोजित किए जाएंगे।
इन लंबित मामलों का होगा 100 प्रतिशत निराकरण
अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण लंबित मामलों के शत-प्रतिशत समाधान का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें शामिल हैं-
- सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतें
- जनसुनवाई के प्रकरण
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित आवेदन
- अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा
- न्यायालय के आदेश के बाद भी लंबित राजस्व अभिलेखों का अमल
किसानों और हितग्राहियों पर रहेगा विशेष फोकस
अभियान के दौरान किसानों और पात्र हितग्राहियों से जुड़े मामलों की भी विशेष समीक्षा होगी। इसमें प्रमुख रूप से ये विषय शामिल रहेंगे।-
- सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी
- आयुष्मान कार्ड निर्माण
- समग्र आईडी की ई-केवाईसी
- आधार कार्ड अपडेट
- प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की प्रगति
जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य और शिक्षा की होगी जमीनी जांच
अधिकारी क्षेत्र में जाकर कई योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से इनकी समीक्षा की जाएगी-
- हर घर जल योजना
- पानी की टंकियों का निर्माण
- आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था
- बच्चों का वजन और पोषण
- स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, दवाइयां और उपकरण
- स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा पढ़ाई की गुणवत्ता
खेती, राशन, सड़क और कानून व्यवस्था भी होगी समीक्षा का हिस्सा
जन-विश्वास अभियान केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारी क्षेत्र में विकास कार्यों और सरकारी सेवाओं की भी जांच करेंगे। इसके तहत-
- खाद-बीज की उपलब्धता
- राशन दुकानों का निरीक्षण
- सड़क, तालाब, अमृत सरोवर और जल जीवन मिशन की संरचनाएं
- आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, कृषि मंडी, सहकारी समितियां
- पुलिस थाना, लोक सेवा केंद्र और औद्योगिक क्षेत्र
- गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, निजी विद्यालय, लाइसेंसधारी दुकानों का निरीक्षण
- कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा
साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होगी। स्थानीय स्तर पर जिन समस्याओं के त्वरित समाधान की अपेक्षा है, उनका चिन्हांकन कर प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा।
संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी होंगे अभियान के चार स्तंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जन-विश्वास अभियान केवल निरीक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने का प्रयास है। इस अभियान के चार प्रमुख आधार संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी होंगे।


