मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य भारतीय रेलवे सहित 8 राज्यों को ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है और स्वच्छ ऊर्जा का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन को लगातार बढ़ाया जा रहा है और सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे चौबीसों घंटे स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश के हरित ऊर्जा मॉडल की चर्चा राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होगी।

भारतीय रेलवे सहित 8 राज्यों को मिल रही मध्यप्रदेश की ऊर्जा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **एक्स** पर भी साझा किए गए संदेश में बताया कि मध्यप्रदेश वर्तमान में भारतीय रेलवे के साथ-साथ देश के आठ राज्यों को भी ऊर्जा की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की मजबूत ऊर्जा नीति और लगातार बढ़ती उत्पादन क्षमता का परिणाम है।

स्वच्छ ऊर्जा और निवेश का बनेगा राष्ट्रीय केंद्र

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ भाग लेकर मध्यप्रदेश की हरित ऊर्जा नीति, निवेश के अनुकूल माहौल और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति को देश-दुनिया के सामने रखा गया।

दो वर्षों में लागू हुईं नई ऊर्जा नीतियां

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण और बायोमास से जुड़ी नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों के जरिए राज्य में निवेश को बढ़ावा मिला है और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हरित ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उद्योगों और निवेशकों के लिए बेहतर अवसर तैयार करना भी है।

आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना ने बनाया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने बताया कि आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ प्राप्त हुआ है। इसे देश की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में किए गए ऐसे प्रयासों की बदौलत ही आज मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे सहित आठ राज्यों को हरित ऊर्जा उपलब्ध करा पा रहा है। यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है और भविष्य में भी राज्य ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए लगातार काम करता रहेगा।